
शिमला में भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मीनाक्षी मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई, स्कूल के बाहर ही अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट के उतारा है. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र कर रही है. साथ ही इस मामले की हर पहलुओं से जांच की जा रही है.
दरअसल, मीनाक्षी स्कूल के मालिक की बेटी थी, जिसने अपने भाई हिमांक मित्तल पर कई आरोप जड़े थे. मीनाक्षी ने अपने भाई पर फर्जी तरीके से स्कूल पर कब्जा करने के आरोप के साथ डराने धमकाने और फर्जीवाड़े के आरोप भी लगाएं थे. इस आरोप के संबंध में मीनाक्षी ने वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया था. बताया जा रहा है कि जिस वक्त वारदात हुई, तब मीनाक्षी दूध लेकर स्कूल लौट रही थीं.
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मीनाक्षी ने भाई पर लगाए थे आरोप
मीनाक्षी ने आरोप लगाया था कि उसका भाई हिमांक स्कूल के नाम पर करोड़ों का लोन लेकर मां बाप के सपने को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही यह भी आरोप लगाया था कि कागजातों से छेड़छाड़ कर हिमांक स्कूल में कब्जा जमाना चाहता है. इसलिए जिला प्रशासन से मांग है कि जब तक मामला न सुलझे स्कूल में एडमिनिस्टर लगा लें, या स्कूल को सरकार अपने अधीन ले ले.
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
वहीं, सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मीनाक्षी मित्तल की हत्या की सूचना पर पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची. घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं. मामले में हत्या का अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है तथा घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.
आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें गठित
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं. आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है.
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