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कहीं डीएम ऑफिस तो कहीं सड़क पर प्रदर्शन, यूपी से लेकर एमपी तक दिखा Gen-Alpha का गुस्सा | gen-alpha-protests-india-school-students-demand-rights-local-issues



Gen Alpha Protest : जंतर-मंतर का छात्र आंदोलन खत्म ही हुआ था कि उसके कुछ दिन बाद झारखंड में जेपीएससी परीक्षा भर्ती में हुई धांधली का मुद्दा गरमा गया. देखते ही देखते छात्र सड़कों पर उतर आए और विधानसभा का घेराव किया. यहां तक की इस दौरान छात्रों ने लाठी और आंसू गोले की भी मार झेली. जेन जी का आंदोलन थमा ही नहीं कि अब देश के कोने-कोने से जेन अल्फा की चर्चा तेज हो गई है. जी हां, Gen Z के बाद अब Gen Alpha यानी मौजूदा स्कूली पीढ़ी भी अपने अधिकारों और स्थानीय समस्याओं को लेकर खुलकर आवाज उठाने लगी है. मध्य प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक इसके कई उदाहरण सामने आए हैं. कहीं बस के बढ़े किराए को लेकर छात्र सड़क पर उतर आए तो कहीं खराब सड़कों को लेकर प्रशासन की नाक में दम कर दिया. इसके अलावा और किन-किन मुद्दों को लेकर जेन अल्फा ने मोर्चा खोला आइए जानते हैं….

कहां-कहां हो रहा है जेन अल्फा आंदोलन

मध्यप्रदेश

ताजा मामला मध्य प्रदेश के विदिशा का है, जहां स्कूली छात्राओं ने बढ़े हुए बस किराये को लेकर मोर्चा खोल दिया. छात्राओं ने नारे लगाए, “विधायक जी, हमारा किराया कम करो” और “बच्चों को लूटना बंद करो”. 

उत्तराखंड

वहीं, उत्तराखंड के खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल छात्रों ने खराब भोजन, एक्सपायर्ड राशन, पेयजल, बिजली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर तीन दिन तक विरोध प्रदर्शन किया. आखिर में प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा. साथ ही जांच लंबित रहने तक स्कूल के प्रिंसिपल को पद से हटाया गया और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.

उत्तर प्रदेश

वहीं, उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में भी बच्चों ने स्थानीय समस्या को लेकर आवाज उठाई. सड़क की खराब हालत से परेशान ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर पैदल मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया. बाद में छात्र अपने अभिभावकों के साथ डीएम कार्यालय की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया. हालांकि छात्रों ने साफ कहा कि यदि सड़क नहीं बनी तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे.

महाराष्ट्र

जबकि महाराष्ट्र के नासिक के त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के पेगलवाड़ी और गोहिरेवाड़ी गांवों के छात्रों ने पानी की बोतल को माइक्रोफोन बनाकर सड़क की बदहाली पर वीडियो तैयार किए और अपनी बात सामने रखी. 

देहरादून

देहरादून के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पॉवरमेंट ऑफ पर्सन्स विद विजुअल डिसेबिलिटीज (NIEPVD) के स्टूडेंट्स ने सही मेडिकल सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया. इसको लेकर प्रोटेस्ट किया.

बूंदी

बूंदी के दादून सेकेंडरी स्कूल में टीचरों की कमी को लेकर स्टूडेंट का गुस्सा फूट पड़ा. इसको लेकर स्टूडेंट्स और गांववालों ने चंदनपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया.

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