
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिला सोलन के क्यारड़ क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने से शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग 205 प्रभावित हो गया है. हालात को देखते हुए नम्होल के पास इस मार्ग पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक बंद कर दी गई है. प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम के इस रास्ते पर यात्रा नहीं करने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है.
बस अड्डा प्रभारी बिलासपुर राजेश परमार ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बिलासपुर से शिमला जाने वाली बसों के रूट फिलहाल बदल दिए गए हैं. इससे यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके. परिवहन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर रूट में बदलाव किया जा सकता है.
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पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस अधीक्षक कार्यालय बिलासपुर की ओर से जारी सूचना में लोगों से अपील की गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें. पुलिस का कहना है कि भूस्खलन के कारण संबंधित मार्ग पर यात्रा करना फिलहाल सुरक्षित नहीं है. ऐसे में किसी भी हादसे से बचने के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है.
प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं. बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहन ब्रह्मपुखर, जुग्याला, जब्बल पुल, रानीकोटला, खारसी और दाड़लामोड़ होकर शिमला जा सकते हैं.
वहीं शिमला से मंडी जाने वाले वाहनों को दाड़लामोड़, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा शिमला से बिलासपुर और हमीरपुर आने वाले वाहन दाड़लामोड़, खारसी, रानीकोटला, जब्बल पुल, घाघस और ब्रह्मपुखर मार्ग से सफर कर सकते हैं.
मार्ग बहाल होने तक इंतजार की अपील
प्रशासन और संबंधित विभाग भूस्खलन प्रभावित इलाके में लगातार निगरानी कर रहे हैं. सड़क से मलबा हटाने और मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम शुरू कर दिया गया है.
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अधिकारियों का कहना है कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही नम्होल के पास यातायात दोबारा शुरू किया जाएगा. तब तक लोगों से प्रशासन की सलाह मानने और सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करने की अपील की गई है.