
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गरमा गया है. विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी वीडियो को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है. जयराम ठाकुर ने दावा किया कि वीडियो सामने आने के बाद साफ हो गया है कि राष्ट्रगान का किसी भी तरह से अपमान नहीं हुआ. जयराम ठाकुर ने कहा कि काफी आग्रह के बाद पांच दिन में राष्ट्रगान का वीडियो जारी किया गया.
उन्होंने खुद इस वीडियो को कम से कम 10 बार देखने की बात कही और कहा कि कहीं भी राष्ट्रगान के अपमान जैसा कुछ नजर नहीं आया. उनके मुताबिक सभी सदस्यों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया. वहीं विवाद के बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और पिछले तीन दिनों से राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के मुद्दे पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की जा रही है.
जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद अब पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई है और बीजेपी आज विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले में अगली व्यवस्था की मांग करेगी. जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सदन के भीतर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि 18 विधायकों के सामने मुख्यमंत्री की ओर से कही गई बात केवल सदन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे प्रदेश की 75 लाख जनता के सामने गलत संदेश गया.
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करवाए और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए. जयराम ने कहा कि अब वीडियो सामने आने के बाद सब कुछ साफ हो गया है और राष्ट्रगान के अपमान को लेकर मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोप गलत साबित हुए हैं.
भूकंप के झटकों से दहला शिमला और चंबा, लोगों में दहशत का माहौल
बीजेपी ने कभी नहीं की राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की तुलना
वहीं, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के आरोपों पर जयराम ठाकुर ने कहा कि बीजेपी ने कभी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की तुलना नहीं की. उन्होंने कहा कि पूरा विवाद केवल प्रोटोकॉल को लेकर है. जयराम ठाकुर ने 9 जुलाई की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि जहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों गाए जाने हों, वहां राष्ट्रगीत पहले और राष्ट्रगान बाद में गाए जाने की व्यवस्था दी गई है. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में भी यही व्यवस्था देखने को मिली, जहां पहले वंदे मातरम् और उसके बाद राष्ट्रगान गाया गया. जयराम ठाकुर ने कहा कि यही प्रोटोकॉल पूरे देश में लागू होना चाहिए.
‘ध्यान भटकाने के लिए उठाए जा रहे ऐसे मुद्दे’
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है और कांग्रेस के नेताओं का भी इनके साथ योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोनों का सम्मान करती है, लेकिन विपक्ष को राजनीतिक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय प्रदेश के वास्तविक और जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना चाहिए.
लोक निर्माण मंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास चर्चा के लिए कोई ठोस विषय नहीं है, इसलिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए बार-बार ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, चीनी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत जैसे आम जनता से जुड़े कई मुद्दे हैं, लेकिन इन पर चर्चा करने के बजाय जनता का ध्यान दूसरे विषयों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
विपक्ष से वास्तविक जनहित के मुद्दों पर चर्चा की अपील
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हर दिन इसी मुद्दे को उठाकर खुद को सबसे बड़ा देशभक्त साबित करने की कोशिश से प्रदेश की जनता का कोई भला नहीं होने वाला. उन्होंने विपक्ष से वास्तविक जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की.
वहीं, हिमाचल में सड़कों की खस्ता हालत और समय पर टारिंग नहीं होने के मुद्दे पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार सड़कों की मरम्मत के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य की सड़कों और लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के साथ बरसात से हुए नुकसान को भी ठीक किया जा रहा है.
विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में मार्च और अप्रैल के दौरान सड़कों की टारिंग नहीं हो पाने को सरकार की कमी माना. उन्होंने कहा कि बिटुमिन की कीमतें बढ़ने के कारण यह समस्या आई, लेकिन अब इसकी भरपाई के लिए बजट का प्रावधान किया गया है.
मानसून खत्म होने के बाद पूरे प्रदेश में 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग
मंत्री ने कहा कि मानसून खत्म होने के बाद पूरे प्रदेश में करीब 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करवाई जाएगी. इसके साथ ही बरसात में सड़कों को हुए नुकसान की भी मरम्मत की जाएगी. उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के पास उपलब्ध बजट के अनुसार ही काम करवाया जा सकता है. सरकार पहले बजट का प्रबंध करती है और उसके बाद उसे धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाता है.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह खुद प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बरसात से हुए सड़क नुकसान का निरीक्षण कर रहे हैं. खासकर अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और सड़कों की मरम्मत का काम समय पर पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.
CM सुक्खू का BJP पर हमला, ‘व्हाइट पेपर’ खोलेगा करप्शन के राज