

नेपाल में आई बाढ़ का पानी बुधवार देर रात गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुंच गया. जल संसाधन विभाग के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे तक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है. अनुमान है कि रात 11 बजे तक जलश्राव अपने चरम पर पहुंच सकता है, जिसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी. विभाग ने बताया कि गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव करीब दो लाख क्यूसेक रहने की संभावना है. हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे सामान्य रहने की संभावना जताई गई है. इसके बावजूद विभाग की ओर से बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्षों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था. वहीं, वर्ष 2024 में 28 सितंबर को गंडक में जलश्राव 5,62,500 क्यूसेक तक पहुंच गया था. इन आंकड़ों की तुलना में इस बार संभावित अधिकतम जलश्राव काफी कम रहने का अनुमान है.
विभाग ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है. गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है. तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ नियंत्रण कक्षों से भी नदी के जलस्तर और जलश्राव की लगातार जानकारी ली जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है. संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है. जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. विभाग का स्पष्ट संदेश है कि घबराएं नहीं, सतर्क रहें.
बता दें कि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है. उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह को लेकर जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है.





