
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन की समय सीमा समाप्त हो गई. इस बार एक आध जगहों को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर कांग्रेस और भाजपा ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है. सीधे सिंबल पहुंचाए गए हैं. यह रणनीति पार्टी में बगावत रोकने के लिए अपनाई गई. पर इसके बावजूद कई जगहों पर भाजपा व कांग्रेस में टिकट न मिलने पर विरोध की आवाज सुनाई दी. अजमेर में भाजपा नेता महेंद्र सिंह भाटी ने नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की.
रीति-नीति को दरकिनार कर दिया टिकट
अजमेर जिला बार एसोसिएशन के सदस्य महेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से नगर निगम, नगर पालिका सहित स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट वितरण को लेकर एक फार्मूला तय किया गया था. इसके तहत सामान्य वर्ग के वार्ड में आरक्षित वर्ग से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने की बात कही गई थी. भाटी का कहना है कि इस फार्मूले और पार्टी की रीति-नीति को दरकिनार करते हुए टिकट वितरण किया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर दक्षिण से पांच बार विधायक रहीं अनीता पटेल ने अपनी पसंद के लोगों को टिकट दिया और उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई जो उनके घर पर लगातार हाजिरी लगाते हैं. भाटी ने कहा कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी से कार्यकर्ताओं में रोष है.

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अनोखे तरीके में भाटी ने दर्ज कराया विरोध
टिकट वितरण से नाराज महेंद्र सिंह भाटी ने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया. सोमवार दोपहर नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया का निर्धारित समय समाप्त होने के तुरंत बाद निर्वाचन विभाग कलेक्ट्रेट के बाहर उन्होंने अपने सिर के सारे बाल कटवा दिए. भाटी ने कहा कि यह कदम भाजपा की ओर से किए गए टिकट वितरण के विरोध में उठाया गया है.
उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं और पार्टी के लिए लंबे समय से समर्पित लोगों को महत्व मिलना चाहिए था. कलेक्ट्रेट के बाहर सिर के बाल कटवाकर विरोध जताने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया. भाटी ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि टिकट वितरण की प्रक्रिया और पार्टी में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के खिलाफ है.
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