

नई दिल्ली:
हर दौर में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो सिर्फ म्यूजिक नहीं, यादों का हिस्सा बन जाते हैं. बस में सफर करते वक्त अचानक उनकी धुन सुनाई दे जाए तो पूरा माहौल बदल जाता है. यही वजह है कि आज भी कई रोडवेज बसों में एक पुराना रोमांटिक गाना बजते ही लोग मुस्कुरा उठते हैं. मोबाइल और ओटीटी के दौर में भी इसका जादू कम नहीं हुआ. पुराने म्यूजिक लवर्स इसे आज भी उतने ही प्यार से सुनते हैं, जबकि नई पीढ़ी भी इसकी धुन पर रुककर सुनने लगती है.
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जिस गाने की बात हो रही है, वो फिल्म आशिकी का सुपरहिट ट्रैक ‘सांसों की जरूरत है जैसे’ है. कुमार सानू की आवाज ने इस गाने को ऐसा एहसास दिया कि रिलीज के बाद ये हर तरफ छा गया. प्यार भरे गानों की बात हो और इस गाने का जिक्र न हो, ऐसा कम ही होता है.
आवाज और धुन ने बना दिया एवरग्रीन
इस गाने का संगीत मशहूर जोड़ी नदीम-श्रवण ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल समीर ने लिखे थे. इन तीनों की मेहनत ने ऐसा कमाल किया कि गाना कैसेट प्लेयर से लेकर रोडवेज बसों तक हर जगह सुनाई देने लगा. राहुल रॉय और अनु अग्रवाल पर फिल्माया गया ये गाना आज भी वही पुराना एहसास दिला देता है.
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इस गाने का फीमेल वर्जन भी रिकॉर्ड किया गया था, जिसे अनुराधा पौडवाल ने अपनी आवाज दी थी. कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल, दोनों की आवाज में ये गाना अलग-अलग एहसास देता है. शायद यही वजह है कि इतने साल बाद भी ये रोमांटिक ट्रैक लोगों की प्लेलिस्ट से बाहर नहीं हुआ.




