मध्य प्रदेश

हिमाचल में 27 साल बाद फिर शुरू होगी लॉटरी, दिवाली पर आजमा सकेंगे किस्मत


हिमाचल प्रदेश में करीब 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर लॉटरी का संचालन शुरू होने जा रहा है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो प्रदेशवासी इस वर्ष दिवाली के अवसर पर अपनी किस्मत आजमा सकेंगे. राज्य सरकार ने लॉटरी शुरू करने से संबंधित प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और जल्द ही इसकी शुरुआत की तैयारी है.

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि लॉटरी के पुनः संचालन से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि इस आय का उपयोग विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों में किया जाएगा. मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सिंगल डिजिट लॉटरी शुरू नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में लॉटरी चल रही है, जिससे उन्हें लाभ मिल रहा है.

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बीजेपी के पत्र का मंत्री ने दिया जवाब

लॉटरी को लेकर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पत्र लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता केवल राजनीति करने और चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं.

विपक्ष ने लॉटरी शुरू करने के फैसले का किया विरोध

वहीं, लॉटरी को दोबारा शुरू करने के फैसले का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है. पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार थोड़े से आर्थिक लाभ के लिए प्रदेश के परिवारों को संकट में डाल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य का युवा पहले ही नशे की समस्या से जूझ रहा है और ऐसे समय में लॉटरी शुरू करना गलत कदम है. उन्होंने कहा कि भाजपा इस निर्णय का विरोध करती है और इसे सामाजिक दृष्टि से नुकसानदेह मानती है.

27 वर्ष पहले क्यों बंद हुई थी लॉटरी?

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1999 में लॉटरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था. उस समय सामाजिक दुष्प्रभावों, आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया था. विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसके नकारात्मक प्रभाव सामने आने के बाद सरकार ने लॉटरी बंद कर दी थी.

हालांकि, अब पड़ोसी राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित हो रही लॉटरी प्रणालियों और राज्य के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने की आवश्यकता को देखते हुए सरकार इसे दोबारा शुरू करने जा रही है. सरकार का दावा है कि इस बार लॉटरी संचालन पारदर्शी नियमों और आधुनिक डिजिटल सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी की संभावना न रहे.

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