
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बारिश के दौरान सड़क का हिस्सा बहने के बाद 104 करोड़ रुपये की सड़क को लेकर उठे सवालों पर अब विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है. रामपुर नैकिन विकासखंड के खैरा-डिठौरा मार्ग पर पुल से जुड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा तेज बारिश के दौरान कटकर बह गया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि 104 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क बारिश में बह गई.
मामला सुर्खियों में आने के बाद सेतु विभाग रीवा से जांच टीम मौके पर पहुंची. निरीक्षण के बाद सामने आया कि सड़क की वास्तविक निर्माण लागत करीब 3 करोड़ रुपये है और करीब 1300 मीटर लंबे मार्ग का निर्माण कराया जाना है.
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104 करोड़ के दावे पर विभाग ने दी सफाई
लोक निर्माण सेतु निर्माण विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया पर 104 करोड़ रुपये की सड़क बहने का दावा भ्रामक है. विभाग का कहना है कि खैरा-डिठौरा मार्ग से जुड़ी करीब 1300 मीटर सड़क का निर्माण लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना है.
भू-अर्जन अधूरा, इसलिए केवल अर्थवर्क हुआ
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, सड़क के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी. इसके कारण सड़क का केवल अर्थवर्क कराया गया था. ग्रामीणों ने मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाते हुए नाली निर्माण की अनुमति नहीं दी थी. नाली का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश के दौरान तेज पानी का बहाव सड़क के एक हिस्से को काटकर बहा ले गया. इससे स्थानीय लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ.
रीवा से पहुंची टीम ने किया निरीक्षण
मामला सामने आने के बाद सेतु विभाग की जांच टीम रीवा से मौके पर पहुंची और सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया. टीम ने बारिश से हुए नुकसान, निर्माण की स्थिति और भू-अर्जन से जुड़े मामलों की जानकारी ली. विभाग का कहना है कि जांच में सड़क की लागत और निर्माण की वास्तविक स्थिति सामने आई है. अधिकारियों ने पूरे मामले को लेकर भ्रम दूर करने का प्रयास किया है.
ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित
बारिश में सड़क का हिस्सा बहने से खैरा और डिठौरा क्षेत्र के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई. फिलहाल विभाग क्षतिग्रस्त हिस्से और आगे के निर्माण को लेकर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
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Input By : शिवपूजन मिश्रा
