
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की श्री सत्य साईं टेक्निकल एंड मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को लेकर न सिर्फ लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, बल्कि अब इस यूनिवर्सिटी पर ताला लगने का खतरा भी मंडराने लगा है. यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री मामले की जांच कर रही राजस्थान पुलिस की एसओजी जांच पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार को एक रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है, जिसमें यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर उसे बंद कराए जाने की सिफारिश की जाएगी.
इतना ही नहीं राजस्थान में साल 2022 की जिस शारीरिक शिक्षक भर्ती में यूनिवर्सिटी के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, उसके रद्द होने की आशंका भी बढ़ती जा रही है. इस पूरे मामले में दो दिन पहले वाइस चांसलर और परीक्षा नियंत्रक समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है.
वाइस चांसलर और परीक्षा कंट्रोलर को SOG ने रिमांड पर लिया
गिरफ्तार किए गए सीहोर की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को SOG ने कोर्ट की अनुमति से तीन दिनों के लिए अपनी रिमांड पर ले लिया है. एसओजी के आईजी अजय पाल लांबा के मुताबिक रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों से बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.
पिछले 11 सालों से चल रहा था फर्जी डिग्रियों का खेल
उनके मुताबिक रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने जानकारी दी है कि 2013 में शुरू की गई, इस यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियों का खेल पिछले 11 सालों से चल रहा है. बीपीएड के साथ ही तमाम दूसरे कोर्सेज की डिग्रियां भी फर्जी तरीके से लाखों रुपए में बेची जाती है. तमाम डिग्रियां दिए जाने के सालों बाद रजिस्टर में उसकी एंट्री की गई है. फर्जी डिग्रियों के गोरख धंधे में क्लर्क से लेकर परीक्षा नियंत्रक और वाइस चांसलर तक शामिल रहते हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में दलाल भी रखे गए हैं. अब तक सैकड़ों की संख्या में फर्जी डिग्रियां बेची जा चुकी हैं.
अब एसओजी की रडार पर फर्जी डिग्री वाले कैंडिडेट!
मध्य प्रदेश की यह यूनिवर्सिटी किस कदर फर्जीवाड़ा कर रही थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसे हर साल सिर्फ 100 सीटों पर ही बीपीएड का कोर्स कराने की अनुमति है. राजस्थान में साल 2022 की शारीरिक शिक्षा के टीचर्स की भर्ती में सिलेक्ट हुए 66 कैंडिडेट ऐसे हैं, जिन्होंने श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री ली हुई है. यह सभी राजस्थान के ही हैं. बड़ी संख्या में लोग ऐसे होंगे, जिनका सिलेक्शन नहीं हो पाया होगा. यह सारे कैंडिडेट अब एसओजी की रडार पर हैं. आशंका जताई जा रही है कि इनमें से ज्यादातर की डिग्री फर्जी होगी.
राजस्थान एसओजी के आईजी ने क्या कहा?
राजस्थान एसओजी के आईजी अजय पाल लांबा का कहना है कि यूनिवर्सिटी को लेकर जिस तरह के चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, उसे लेकर जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश सरकार से यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर उसे बंद कराए जाने की सिफारिश किए जाने की तैयारी है. इसके अलावा शारीरिक शिक्षक भर्ती को रद्द कराए जाने की सिफारिश के बारे में अभी कुछ तय नहीं किया गया है. आईजी अजय पाल लांबा के मुताबिक जरूरत पड़ने पर कोर्ट से इन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड बढ़ाए जाने की भी अपील की जाएगी.
एसओजी अब तक कुल 7 लोगों को कर चुकी गिरफ्तार
इस मामले में एसओजी अब तक कुल सात गिरफ्तारियां कर चुकी है. मामले की जांच जारी है. आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं. कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी होनहार स्टूडेंट को शिक्षा पूरी होने पर डिग्री देने के बजाय परचून की दुकान बनकर रह गई थी.
