
हिमाचल प्रदेश (Himachal News) की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी और अहम खबर है. केंद्र सरकार ने लंबे इंतजार के बाद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal Pradesh High Court) को तीन नए न्यायाधीशों की सौगात दी है. वीरवार (27 अगस्त 2026) को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है. इन नई नियुक्तियों के साथ ही अब प्रदेश के लोगों को लंबित पड़े मामलों में जल्द और सुलभ न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.
चिराग भानु बने जज, भूपेश-योगेश को भी जिम्मेदारी
भारत सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217(1) और अनुच्छेद 224 के तहत इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है:
वरिष्ठ अधिवक्ता चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश (Judge) नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल को अगले दो साल की अवधि के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश (Additional Judge) की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन सभी की नियुक्ति उस दिन से प्रभावी मानी जाएगी, जिस दिन वे अपना आधिकारिक कार्यभार ग्रहण करेंगे.
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15 तक पहुंची जजों की संख्या, 2 पद अभी भी खाली
इस बड़े फैसले के बाद हिमाचल हाईकोर्ट को बड़ी राहत मिली है. आपको बता दें कि इन तीन नए जजों की नियुक्ति के बाद अब हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या 12 से बढ़कर 15 हो गई है. हालांकि, हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पद (Sanctioned Posts) 17 हैं, यानी 15 जजों की नियुक्ति के बाद भी अभी 2 पद खाली हैं.
लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी
लंबे समय से हिमाचल हाईकोर्ट में जजों के पद खाली होने की वजह से मुकदमों की सुनवाई और उनके निस्तारण की रफ्तार धीमी पड़ गई थी. कानूनी जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई ‘बेंच स्ट्रेंथ’ से न्यायिक कार्यों में बड़ी दक्षता आएगी. बरसों से न्याय की आस में बैठे फरियादियों के लंबित मामलों (Pending Cases) का निपटारा अब तेजी से हो सकेगा, जिससे न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुगम बनेगी.
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