मध्य प्रदेश

चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्चियों से हुई 16.38 करोड़ की कमाई


हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित माता चिंतपूर्णी मंदिर में पिछले तीन वर्षों में कुल 16.38 करोड़  रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है. यह कमाई 8 अगस्त 2023 से शुरू की गई ‘सुगम दर्शन पर्ची’ व्यवस्था के माध्यम से हुई है.

यह जानकारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एक सवाल के जवाब में दी है. यह सवाल विधानसभा में ऊना के बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती द्वारा पूछा गया था. 

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अब तक कितनी आय प्राप्त हुई?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 8 अगस्त 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक सुगम दर्शन पर्चियों के माध्यम से 1.43 करोड़ रुपये की कमाई हुई. वर्ष 2024 में यह कमाई बढ़कर 4.66 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि वर्ष 2025 में 6.09 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. वर्ष 2026 में 30 जून तक ही इस व्यवस्था से 4.19 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो चुकी है.

आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2023 से जून 2026 तक सुगम दर्शन पर्चियों से कुल 16 करोड़ 38 लाख 47 हजार 86 रुपये की आय मंदिर न्यास को हुई है. सुगम दर्शन पर्चियों से होने वाली आय पर:

  • 08 अगस्त 2023 से 31 दिसंबर 2023 : 1,43,02,641 करोड़ रुपये
  • 01 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 : ₹4,66,38,336 करोड़ रुपये
  • 01 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 : ₹6,09,43,469 करोड़ रुपये
  • 01 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 : ₹4,19,62,640 करोड़ रुपये

अनियमितताओं की जांच जारी

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी बताया गया है कि सुगम दर्शन पर्ची जारी करने के दौरान अनियमितताओं की कोई शिकायत चिंतपूर्णी मंदिर न्यास कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई. हालांकि, मंदिर अधिकारी द्वारा सुगम दर्शन पर्ची सॉफ्टवेयर के निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आईं थीं, जिसके बाद संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई है. मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है.

क्या है ‘सुगम दर्शन प्रणाली’?

इस तरह पिछले तीन सालों में कुल आय 16,38,47,086 करोड़ रुपये की हुई है. बता दें कि भक्तों को लिफ्ट गेट के जरिए आसानी से और पारदर्शी तरीके से दर्शन की सुविधा देने के लिए 08 अगस्त 2023 से ‘सुगम दर्शन प्रणाली’ शुरू की गई थी. इसका पास चिंतपूर्णी के ‘बाबा माई दास सदन’ में बने काउंटर पर बनाए जाते हैं. दिव्यांगों/बुज़ुर्गों/गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए पास की कीमत केवल 50 रुपये है. हर पास के साथ एक अटेंडेंट (सहायक) को भी साथ ले जाने की अनुमति दी जाती है. 

वहीं, दूसरे भक्तों को पास के लिए 1100 रुपये का भुगतान करना होता है. इस एक पास पर पांच लोगों को जाने की अनुमति दी जाती है. ये पास  मंदिर ट्रस्ट द्वारा तय किए गए रोज़ाना के कोटे की उपलब्धता के आधार पर भक्त बुक कर  सकते हैं.

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