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बरेली मेयर के ‘राखी कार्यक्रम’ में हंगामा! भीड़ में दबकर कई महिलाएं बेहोश, एक की मौत | up Bareilly Mayor Rakhi event Uproar Women crushed crowd many injured


बरेली:

“मेरे हाथ-पैर में चोट आई है. मंच की तरफ बढ़ते वक्त भीड़ में किसी ने मेरे हाथ खींच लिया. धक्का-मुक्की के बीच मेरी चप्पल और पैरों में पहनी बिछिया तक निकलकर गिर गई. भीड़ में एक बच्ची दब गई और करीब पांच मिनट तक दबे रहने के बाद उसे बाहर निकाला गया.” ये बयान उन महिलाओं के हैं, जो बरेली मेयर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल होने आईं थीं.

उत्तर प्रदेश के बरेली से बीजेपी मेयर उमेश गौतम के रक्षाबंधन कार्यक्रम में अव्यवस्था का मामला सामने आया है. इस दौरान भारी भीड़ की वजह से हादसा हो गया. कार्यक्रम में हजारों महिलाएं शामिल हुईं. ऐसे में अव्यवस्था होने की वजह से कई महिलाएं दबकर बेहोश हो गईं. घटना में एक महिला की मौत भी हुई है.  एसपी सिटी मानुष पारिख ने कहा कि मेरे पास महिला पक्ष से अभी कोई शिकायत नहीं आई है. 

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मामले पर पुलिस ने कहा कि अभी कोई शिकायत नहीं आई है. कार्यक्रम की परमिशन नहीं ली गई थी, न ही कोई सूचना दी गई थी. प्रोग्राम में अव्यवस्था की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. स्थिति सामान्य करने की कोशिश की गई.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, बरेली क्लब ग्राउंड में बीजेपी मेयर डॉ. उमेश गौतम की ओर से गुरुवार को रक्षाबंधन कार्यक्रम करवाया गया. कार्यक्रम में करीब 20 हजार से ज्यादा महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया था. सुबह से शाम तक चलने वाले प्रोग्राम में भारी भीड़ जमा हुई थी. भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से हालात बिगड़ गए. कई महिलाएं धक्का-मुक्की और गर्मी के कारण बेहोश हो गईं. एंबुलेंस से बेहोश और घायल महिलाओं को बाहर ले जाते हुए भी देखा गया.

कार्यक्रम में महिलाओं से राखी बंधवाने के लिए पहले से कूपन बांटे गए थे. बड़ी तादाद में महिलाएं अपने बच्चों और बुजुर्ग परिजनों के साथ पहुंचीं थीं. भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची. कई महिलाएं बैरिकेडिंग पार कर मंच की ओर बढ़ने लगीं.

हालात बिगड़ते देख मेयर डॉ. उमेश गौतम ने भीड़ को अलग-अलग जगह बांटने की कोशिश की. बताया गया कि उन्होंने अपने बेटे पार्थ गौतम को मुख्य गेट की तरफ भेजा, जिससे वहां भी महिलाओं से राखी बंधवाई जा सके. इसके बावजूद भीड़ का दबाव कम नहीं हुआ. मंच के पास धक्का-मुक्की में कई महिलाएं गिर गईं.

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धक्का-मुक्की के बीच कई बच्चे भी बिछड़ गए. मंच से लगातार लाउडस्पीकर के जरिए बच्चों और उनके परिजनों के बारे में ऐलान कराया जाता रहा. मैदान में कई जगह टूटी चूड़ियां, चप्पल और अन्य सामान बिखरा दिखाई दिया.

एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि भीड़ में एक बच्ची दब गई थी और करीब पांच मिनट तक दबे रहने के बाद उसे बाहर निकाला गया. महिला ने बताया कि इस दौरान उसके हाथ-पैर में चोट आई. भुता क्षेत्र से कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने बताया कि मंच की तरफ बढ़ते वक्त भीड़ में किसी ने उनका हाथ खींच लिया. धक्का-मुक्की के बीच उनकी चप्पल और पैरों में पहनी बिछिया तक निकलकर गिर गई.

कार्यक्रम में शामिल एक महिला ने व्यवस्था पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि इतनी बड़ी तादाद में महिलाओं को बुलाया गया, लेकिन भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं किए गए. गर्मी में पानी, सुरक्षित रास्ते और भीड़ कंट्रोल करने की व्यवस्था को लेकर भी महिलाओं ने नाराजगी जताई. उपहार बांटने के दौरान भीड़ का दबाव और बढ़ गया. महिलाओं में उपहार लेने की होड़ के बीच धक्का-मुक्की हुई.

कार्यक्रम में अव्यवस्था और महिलाओं के घायल होने को लेकर मेयर डॉ. उमेश गौतम मीडिया से बात करने से दूरी बनाए हुए हैं. घायल महिलाओं को कहां भर्ती कराया गया, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. यह भी नहीं बताया जा रहा है कि घायलों को कहां रखा गया है. 70 साल की एक महिला बुजुर्ग ने कहा कि 5 मिनट तक दब गई मेरे भी गंभीर चोटें आई हैं.

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