
दिल्ली और रांची में हुए Gen Z आंदोलनों के बाद अब मध्य प्रदेश में Gen Alpha छात्रों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है. भोपाल में छात्रों ने सरकारी स्कूलों का सांदीपनि स्कूलों में विलय किए जाने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्रों ने सरकार से स्कूलों के विलय का फैसला वापस लेने की मांग की.
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि सरकारी स्कूलों को बंद करने या उनका विलय करने से सबसे ज्यादा असर गांव और गरीब परिवारों के बच्चों पर पड़ेगा. उनका सवाल है कि अगर उनके आसपास के स्कूल बंद हो जाएंगे तो बच्चे पढ़ने के लिए कहां जाएंगे.
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एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जिन बच्चों को आज स्कूल में होना चाहिए था, उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़कर प्रदर्शन में बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है. प्रदर्शनकारी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में करीब 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं. इनमें मध्य प्रदेश के करीब 25 हजार और उत्तर प्रदेश के 29 हजार स्कूल शामिल बताए गए हैं.
सरकार के फैसले पर छात्रों की नाराजगी
प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार अब भी सीमित संख्या में स्कूल चलाने की बात कर रही है. साथ ही शिक्षकों के पढ़ाने को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं. छात्रों का कहना है कि स्कूलों को बंद करना या उनका विलय करना समस्या का समाधान नहीं है.
एक Gen Alpha छात्र ने कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 3 हजार स्कूल बंद किए जा रहे हैं. ऐसे में गांव और शहरों में पढ़ने वाले बच्चों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि स्कूल बंद होने के बाद वे कहां जाएंगे. छात्र ने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
छात्रों ने साफ कहा कि वे स्कूलों के विलय के फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे और सरकार से इसे वापस लेने की मांग करते रहेंगे.
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