

एआई की बढ़ती ताकत को लेकर एआई कंपनियां ही अब रफ्तार कुछ धीमा करने की बात कर रही हैं. ओपन एआई भी इसका जिक्र कर चुका है, उसने तो अपने आईपो को भी टाल दिया है. लेकिन इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कह दिया है कि उन्हें इस सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता है. असल में एआई की बढ़ती ताकत को कुछ जानकार ग्लोबल मंदी से जोड़कर देख रहे हैं. लेकिन ट्रंप ने ऐसी तमाम संभावनाओं को ही नकार दिया है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कई ऐसी निगेटिक ताकते हैं जो टेक्नोलॉजी को लेकर डर पैदा कर रही हैं. लेकिन मैं बता दूं कि अभी अमेरिका चीन से भी आगे है एआई में. मैं तो मानता हूं जो भी एआई की जंग जीतता है, वो जीत जाता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि एआई इस्तेमाल को लेकर कुछ सेफगार्ड लाए जा सकते हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कंपनी 2026 में IPO लाने की योजना नहीं बना रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI की सुरक्षा को लेकर चिंता बताई गई है. उनके मुताबिक, अगर AI की वजह से दशक के अंत तक इंसानों के खत्म होने का 10 फीसदी भी खतरा है, तो हम इस जोखिम को स्वीकार नहीं कर सकते.
उन्होंने जोर देकर कहा कि 10 फीसदी जैसा आंकड़ा सही है या नहीं, यह हमें नहीं पता, लेकिन खतरा गंभीर जरूर है और AI कंपनियों और सरकारों को इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करना चाहिए. उनके मुताबिक, चाहे खतरा 10 फीसदी हो, 8 फीसदी हो या 6 फीसदी, कंपनियों और सरकारों की बड़ी जिम्मेदारी है. कमाई या मुनाफा किसी भी तरह से सुरक्षा के रास्ते में नहीं आना चाहिए.
जानकारी के लिए बता दें कि ऑल्टमैन ने बिजनेस मैगजीन फॉर्चून को इंटरव्यू दिया था. इसी इंटरव्यू में उन्होंने AI की सुरक्षा को लेकर IPO टालने की बात कही है. इससे पहले जून में न्यूयॉर्क टाइम्स में भी खबर प्रकाशित हुई थी, जिसमें कहा गया था कि OpenAI 2027 तक अपना IPO टालने पर विचार कर सकती है. इस IPO का मूल्यांकन करीब 1 ट्रिलियन डॉलर बताया जा रहा है.
AI को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि कुछ मामलों में देखा गया है कि AI एजेंट अपने काम से आगे जाकर बाहरी सिस्टम को हैक करने जैसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं. इस समय अमेरिका में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों ही पार्टियां AI को लेकर सख्त नियम बनाने की बात कर रही हैं





