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दिल्ली में हो गई यूएई और ईरान में दोस्ती, पेजेश्कियन बोले-पुरानी बातों को भुलाकर अच्छा भविष्य बनाएंगे: रिपोर्ट | UAE Iran became friends in New Delhi Pezeshkian says We will put past behind and build a bright future



ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच दोस्ती हो गई है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति का कहना है कि ब्रिक्स समिट के दौरान बातचीत में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ‘बीती बातों को भुलाने’ पर सहमत हुए. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का कहना है कि उन्होंने ब्रिक्स समिट के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ अच्छी बातचीत की. 

कहां से आई सूचना

ईरान के अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा, “इस बात पर सहमति बनी कि हम पुरानी बातों को भुलाकर एक अच्छा भविष्य बनाएंगे.” ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भारत में ब्रिक्स समिट के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत की. पेजेश्कियन ने शनिवार 12 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की. 

सऊदी अरब के साथ क्या हुआ

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सऊदी अरब की ओर से वहां के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद पहुंचे थे. उन्होंने क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के प्रतिनिधि के रूप में इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था. चर्चा है कि ईरान और सऊदी अरब के प्रतिनिधियों के बीच भी नई दिल्ली में मुलाकात हुई है. मगर इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है. ऐसा माना जा रहा कि क्राउन प्रिंस अगर नई दिल्ली आए होते तो सऊदी-ईरान के बीच भी कोई ठोस बातचीत हो जाती.

ट्रंप को परवाह नहीं

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें इस बात की ‘परवाह नहीं’ है कि खाड़ी देश होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य पर बातचीत के लिए ईरान से मिलते हैं या नहीं. उन्होंने कहा कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के लिए मिलना “उन पर निर्भर” है. सोमवार को ओमान में खाड़ी देशों और ईरान के बीच होने वाली बातचीत का मकसद मध्य पूर्व में सुरक्षा के मामले में सहयोग को मजबूत करना है. यह बैठक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच हुए टकराव की पृष्ठभूमि में हो रही है; इस जलडमरूमध्य से पहले दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता था.

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात के साथ ईरान का तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने सऊदी और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए. इससे सऊदी अरब और यूएई की चिंताएं बढ़ गईं थीं.

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