
मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य मंत्रिमंडल ने यूसीसी के मसौदे को मंजूरी दे दी है. अब इस विधेयक को सोमवार (20 जुलाई) से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाएगा. सरकार के इस फैसले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार के कई मंत्रियों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया और अपने-अपने विचार सामने रखे.
नागरिकों पर होना चाहिए एक समान कानून- कैलाश विजयवर्गीय
राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “हमारी राजनीतिक यात्रा भारतीय जनसंघ से शुरू हुई थी और हम शुरू से ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के पक्षधर रहे हैं. हमने पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा अनुच्छेद 370 लागू किए जाने का विरोध किया था. हमारा मानना था कि एक देश में दो झंडे, दो संविधान और दो प्रधान नहीं हो सकते. यही भारतीय जनसंघ का पहला आंदोलन था. उस संघर्ष में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. हम हमेशा उसी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध रहे और जैसे ही अवसर मिला, हमने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया.”
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उन्होंने आगे कहा, “इस देश में रहने वाले हर नागरिक पर एक समान कानून लागू होना चाहिए. किसी को भी कानून के आधार पर विशेष अधिकार नहीं मिलने चाहिए, क्योंकि इससे सच्चे लोकतंत्र की भावना कमजोर होती है.”
प्रह्लाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री को दी बधाई
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री के फैसले की सराहना करते हुए कहा, “सबसे पहले मैं मुख्यमंत्री को बधाई देता हूं. उन्होंने इसके लिए सही समय और सही अवसर का चयन किया है. यह मुद्दा कल विधानसभा में आएगा, जिसके बाद इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी. मैं एक बार फिर मुख्यमंत्री को सही समय और सही अवसर चुनने के लिए बधाई देता हूं. कांग्रेस को इतिहास का कोई सम्मान नहीं है. मेरा मानना है कि यही उनकी सबसे बड़ी गलती है. उन्हें भारत की संस्कृति और परंपराओं की ओर पीछे मुड़कर देखना चाहिए.”
UCC को लेकर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “भविष्य के लिए एकरूपता बहुत जरूरी है. सालों तक कांग्रेस की सरकारों ने इस विषय पर ध्यान नहीं दिया. पीएम नरेंद्र मोदी ने इस देश की एकता, अखंडता और एकरूपता लाने के लिए जो अलग-अलग प्रयास किए हैं, यूसीसी उसका बहुत महत्वपूर्ण आयाम है. देश के बाकी कुछ राज्यों ने उसको पारित किया था. आज कैबिनेट की बैठक में इसको विधानसभा में ले जाने के लिए प्रस्ताव पारित हुआ है. निश्चित रूप से इससे एकरूपता आएगी, अधिकारों में समानता आएगी और आगे आने वाली पीढ़ियों को एकरूपता के साथ न्याय और अधिकार मिलेगा.”
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उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस से क्या अपेक्षा करेंगे? कांग्रेस तो इस देश को तोड़ने वाली ही राजनीति करती है. जिस राजनीतिक दल का आधार ही फूट डालो और राज करो की नीति के आधार पर बना हो, वह देश में एकरूपता और समानता की बात नहीं कर सकती. कांग्रेस ने हर समय इस देश में तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ाया है और हर समय इस देश को तोड़ने मरोड़ने का काम किया है.”