
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. एमपी के ऐसे युवा जो जिसी कारणवश न पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही उनके पास कोई रोजगार है, उनकी पांचवीं कैटेगरी के तहत पहचान की जाएगी. इस पांचवीं कैटेगरी को NEET का नाम दिया गया है. NEET मतलब ‘Not in Education, Employment and Training’. सरकार ऐसे युवाओं को चिह्नित कर के उन्हें शिक्षा या रोजगार से जोड़ने का काम करेगी. यह जानकारी सीएम मोहन यादव के मंत्री राकेश सिंह ने दी है.
दरअसल, राकेश सिंह का कहना है, “पांचवीं श्रेणी ऐसे युवाओं की बनाई गई है जो किसी भी कारण से न तो पढ़ाई कर पा रहे हैं न ही उनके पास कोई रोजगार या स्वरोजगार है और न ही किसी तरह के कौशल का प्रशिक्षण ले रहे हैं. रिपोर्ट में ऐसे सभी युवाओं को NEET कहा गया है. सीएम मोहन यादव के आदेश पर एमपी में भी ऐसे ही युवाओं को चिह्नित कर के उनको पढ़ाई, कौशल या रोजगार से जोड़ा जाएगा.”
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NEET युवाओं के लिए बनेगी वर्किंग कमेटी
एमपी के मंत्री राकेश सिंह ने आगे बताया कि इसके लिए एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, कौशल विकास विभाग, खेल और युवा कल्याण विभाग मिलकर काम करेंगे और एक ठोस रणनीति बनाएंगे.
एमपी की लाडली बहनों को सीएम मोहन यादव का गिफ्ट
इसी के साथ मंत्री ने जानकार दी है कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की लाडली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी गई है. सीएम ने बहनों से आग्रह किया है कि इस राशि से खुद के लिए कुछ जरूर खरीद लें. मध्य प्रदेश में बीजेपी के कार्यकर्ताओं से, मंत्रिमंडल से और नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे अपनी बहनों के साथ साथ इन लाडली बहनों के साथ भी रक्षा पर्व मनाएं.
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