
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंत्रियों और विधायकों को बड़ी राहत देते हुए उनके वेतन पर लगाए गए स्थगन आदेश को वापस ले लिया है. अब उप-मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी विधायकों को रोकी गई वेतन राशि जुलाई 2026 में जून महीने के वेतन के साथ मिल जाएगी. हालांकि मुख्यमंत्री के 50 प्रतिशत वेतन का स्थगन फिलहाल जारी रहेगा.
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 18 अप्रैल 2026 को वित्तीय प्रबंधन के तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन के एक हिस्से को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था. उस समय राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया था. सरकार का कहना था कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए यह निर्णय जरूरी है.
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नई अधिसूचना में मिला बड़ा राहत पैकेज
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 जून 2026 को जारी अधिसूचना में 18 अप्रैल के आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है. नई अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 166 और 162 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उप-मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी विधायकों के वेतन पर लगे स्थगन को समाप्त कर दिया है.
इस फैसले के बाद इन सभी जनप्रतिनिधियों की रोकी गई वेतन राशि जुलाई 2026 में जारी कर दी जाएगी. यह भुगतान जून 2026 के नियमित वेतन के साथ किया जाएगा.
मुख्यमंत्री के वेतन पर अभी भी रोक
हालांकि सरकार ने अधिकांश जनप्रतिनिधियों को राहत दे दी है, लेकिन मुख्यमंत्री के वेतन को लेकर पुराना फैसला अभी बरकरार रखा गया है. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री के 50 प्रतिशत वेतन का स्थगन आगामी आदेशों तक जारी रहेगा. यानी मुख्यमंत्री को फिलहाल अपने वेतन का केवल आधा हिस्सा ही मिलता रहेगा.
आर्थिक हालात पर बनी हुई है नजर
सरकार के इस फैसले को राज्य की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. एक ओर मंत्रियों और विधायकों को रुकी हुई राशि देने का रास्ता साफ किया गया है.
वहीं मुख्यमंत्री के वेतन पर आंशिक रोक बनाए रखकर वित्तीय अनुशासन का संदेश भी दिया गया है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री के वेतन स्थगन को लेकर सरकार आगे क्या फैसला लेती है.
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