
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (बुधवार, 29 जुलाई) किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसान क्रांति पैदल यात्रा भोपाल पहुंच गई है और अब आंदोलनकारी किसान भोपाल में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने वाले हैं. किसानों की मांग है कि सरकार 100 फीसदी मूंग खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था को ठीक करे.
बताया जा रहा है कि मंगलवार (27 जुलाई) की देर रात कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन यह मीटिंग किसी नतीजे तक नहीं पहुंची, जिसके बाद अब किसान सीएम आवास का घेराव करने जा रहे हैं. रात भर से धरने पर बैठे हुए हैं किसानों का कहना है कि जब तक उनकी सारी मांगें नहीं मान ली जातीं, तब तक वह धरने पर ही बैठे रहेंगे और आंदोलन का रूप बड़ा होता जाएगा. आज सीएम आवास जाएंगे.
Bhopal, Madhya Pradesh: A farmer says, “The government has not given any assurance so far. However, the farmers have come with a firm resolve that they will continue their protest until the government issues immediate orders on their key demands. The movement will continue and… pic.twitter.com/tIDAumS6cE
— IANS (@ians_india) July 29, 2026
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खुद बढ़वाई मूंग की खेती, अब खरीदने से मना कर रही सरकार
किसानों का दावा है कि वे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र से आए हैं लेकिन उनसे भी नाराज हैं क्योंकि केंद्र और राज्य के एक दूसरे को जिम्मेदार बताने के खेल में किसान खून के आंसू रो रहा है. किसानों का दावा है कि मूंग के उत्पादन को सरकार ने बढ़वाया और अब खरीद करने से पीछे हट रही है. किसानों को 10-12 हजार रुपये प्रति एकड़ का नुकसान हो रहा है और किसान आंदोलन के लिए मजबूर हैं.
आंदोलन में आए जेन-ज़ी किसान
किसानों का कहना है कि इस बार आपको इस आंदोलन में कोई पगड़ी वाले किसान नहीं दिख रहे हैं. यह मोर्चा युवा और जेन-जी किसानों ने संभाल रखा है. उनका दावा है कि युवाओं की ताकत सरकार ने दिल्ली में देख ली है. जरूरत पड़ी तो भोपाल में भी दिखा देंगे.
भोपाल आने से 25 दिन पहले से चल रहा आंदोलन
राजधानी भोपाल आने से पहले ये किसान पिछले 25 दिन से जिला मुख्यालयों में बैठे थे लेकिन स्थानीय प्रशासन और मंत्रियों ने बात को गंभीरता से नहीं लिया. अभी राजधानी में बैठे ज्यादातर किसान नर्मदापुरम और आसपास के 12 जिलों से आए हैं. ये किसान नर्मदा नदी के आसपास के ज्यादा हैं.
किसानों की 8 मांगें, दो प्रमुख
बताया जा रहा है कि किसान आठ मांगों पर अड़े हैं लेकिन सरकार से बातचीत के लिए 13 संगठनों के प्रतिनिधमंडल ने बताया कि दो प्रमुख मांगें हैं जिन्हें सरकार को मानना होगा. पहला- मूंग फसल की सौ प्रतिशत खरीदी की जाए और दूसरा- खाद वितरण में टोकन सिस्टम खत्म किया जाए.
भोपाल के कई स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
Bhopal, Madhya Pradesh: Farmers in Bhopal continued their road blockade for a second day, demanding a written government order on moong procurement. Protesters vowed to remain peaceful but warned the agitation would intensify if their demands remain unmet pic.twitter.com/USz7r30JBf
— IANS (@ians_india) July 29, 2026
भोपाल में किसान आंदोलन के चलते कई स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को तीन जिलों की सीमाओं पर लगे पुलिस के बैरिकेड्स पार कर 500 प्रदर्शनकारी किसान नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे हैं. देर रात वे भोपाल की सड़क पर बैठ गए. किसानों के प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को सरकार को बताने कृषि मंत्री से मिले लेकिन सरकार ने इनकी मांगों को नहीं माना.
आक्रोशित किसान होशंगाबाद रोड पर पुलिस के आखिरी बैरियर के पास धरने पर यह कहकर बैठ गए कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी यहां से नहीं हटेंगे. अचानक पहुंचे किसानों के इस कदम से प्रशासन तो सकते में आ गया और भारी पुलिस बल लगाकर देर रात वहीं प्रशासन ने भी डेरा डाला. प्रशासन के लोगों ने बातचीत करने की कोशिश भी की लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और यहीं सड़क पर रात के खाने का भी इंतजाम कर लिया.
सड़क पर आग जलाकर बना ली दाल-बाटी
धरने पर बैठे किसानों ने मध्य प्रदेश के गांव-गांव में खाई जाने वाली बाटी इसी सड़क पर आग जलाकर बना ली और रात का खाना खा लिया. टमाटर और मिर्च भूनकर भरता भी बना लिया. देर रात एबीपी न्यूज ने इन किसानों से सड़क पर पहुंच कर बात की. किसानों का कहना है कि वे मांगें पूरी होने तक यहां से नहीं हटेंगे. जरूरत पड़ी तो महीने भर के राशन का इंतजाम वहीं कर लेंगे.
किसान आंदोलन के चलते ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
भोपाल में किसान आंदोलन के चलते कल शाम से ट्रैफिक जाम लगा है. किसान आंदोलन के मद्देनजर रूट डायवर्जन किया गया है.
– नर्मदापुरम रोड से आने वाले वाहन 11 मील बाईपास से होकर खजूरी कला एसओएस रोड पिपलानी होकर आना जाना सुनिश्चित कर सकते हैं.
-मिसरोद ग्राम और भोपाल विश्वविद्यालय के बीच में जो कॉलोनी है उसमें रहने वाले लोग बावड़ियांकला ब्रिज से चढ़कर कोलार तथा 10 नंबर की और आवागमन कर सकते हैं.
– एमपी नगर से जिनको नर्मदापुरम मार्ग जाना हो वह गोविंदपुरा पिपलानी और पटेल नगर या खजूरी कला मार्ग का उपयोग करें. एम्स जाने वाले कटराहिल्स, बागसेवनिया और आरएलएल ब्रिज के नीचे से बाएं मुड़कर आवागमन कर सकते हैं.
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