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शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस की नई रणनीति, एससी-एसटी सांसद करेंगे राष्ट्रपति से मुलाकात | Congress SC ST MPs Form Forum To Address Dalit And Tribal Issues Following Uttarakhand Incident



उत्तराखंड के हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर दलित समाज को गोलबंद करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस के एससी, एसटी सांसदों ने नई पहल की है. कांग्रेस के अनुसूचित जाति और जनजाति सांसदों ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. साथ ही कांग्रेस के दलित, आदिवासी सांसदों ने एससी-एसटी एमपी फोरम बनाने का फैसला किया है जो इस समाज के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद करेगा. 

कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में पार्टी के एससी, एसटी सांसदों हुई बैठक के बाद तेलंगाना से लोकसभा सांसद मल्लू रवि ने कहा कि हमने उत्तराखंड में हुई शुद्धिकरण की घटना पर चर्चा की जिसने देश के दलितों की भावनाओं को आहत किया है. हम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं. इसके लिए हमनें उनसे समय मांगा है. 

परीक्षा की वजह से कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक शामिल नहीं हुए थे चन्नी 

बैठक में एससी, एसटी समुदाय के 32 सांसद मौजूद रहे. जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बैठक में शामिल नहीं हुए जो कुछ दिन पहले परीक्षा का हवाला देकर कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे. 

वहीं, एससी-एसटी एमपी फोरम बनाने का एलान करते हुए राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता के राजू ने कहा कि ये फोरम दलित और आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगी.  इन मुद्दों को पार्टी और सरकार के सामने उठाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर सांसद उन राज्यों का दौरा कर लोगों से सीधा संवाद भी करेंगे जहां अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों को दिक्कत हो रही है. इन समुदायों से जुड़ी उन सरकारी नीतियों का अध्ययन किया जाएगा जिन्हें संसद में उठाने की जरूरत है. संसद सत्र की रणनीति को लेकर एससी-एसटी सांसदों का फोरम नियमित बैठक करेगा. 

अगस्त के पहले सप्ताह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई सभा के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों ने मैदान में शुद्धिकरण का कार्यक्रम आयोजित किया था. राहुल गांधी ने इस मामले को छुआछूत से जोड़ते हुए आयोजकों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी. हालांकि उल्टा राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज हो गई.

खरगे ने क्या कहा?

खरगे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया था तब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कार्रवाई का भरोसा दिया था. हालांकि बाद में बीजेपी ने जातीय भेदभाव के आरोप से इनकार करते हुए दलील दी थी कि शुद्धिकरण के कार्यक्रम में खुद दलित समुदाय के लोग शामिल थे. 

खरगे ने कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा था कि हल्द्वानी मामले पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुल कर उनका साथ नहीं दिया. इसके बाद से कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर आक्रामक और बीजेपी पर दलितों का अपमान करने का आरोप लगा रही है.

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