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51 साल पुराना गाना, पूरे देश को बताई मां संतोषी की अपार महिमा, लता मंगेशकर की बहन ने दी थी आवाज, आज भी जागरण और कीर्तन की शान है ये भक्ति गीत | 51 year old song made the movie blockbuster audiences used to sit in theaters with incense sticks Usha Mangeshkar voice made it a timeless bhajan



नई दिल्ली:

भारतीय सिनेमा में ऐसी कई बेहतरीन फिल्में बनी हैं, जिनके गानों ने भी उनकी सफलता में जबरदस्त योगदान दिया है. ये फिल्में अपने कंटेंट और लोकप्रिय गीतों के कारण बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं. हालिया रिलीज फिल्म ‘हनुमान अंश’ इसी कड़ी में शामिल हैं.  बाबा नीम करौली के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं. मौजूदा समय में फिल्म का क्रेज एक अगले ही लेवल पर पहुंच चुका है.  अपनी कहानी, कलाकारों का अभिनय, शानदार निर्देशन के साथ-साथ फिल्म में शामिल भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और पार्वती (जब जिद पे आ गई पार्वती…) जैसे कई गीतों को फिल्म की लोकप्रियता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में माना जा रहा है. ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ की लोकप्रियता अभी कुछ वैसी ही दिख रही है जैसी ‘जय संतोषी मां’ के भजनों और ‘कांतारा’ के ‘वराह रूपम’ के दौरान देखने को मिल रही थी.

‘हनुमान अंश’ की शानदार सफलता के बीच हम आपको भारतीय सिनेमा की उस प्रमुख फिल्म के बारे में बताते जिसे उसके एक गाने ने और भी खास बना दिया. ‘हनुमान अंश’ के चर्चित गीतों का प्रसार मुख्य रूप से सोशल मीडिया, यूट्यूब शॉर्ट्स और रील्स के जरिए हुआ, जबकि पुरानी फिल्मों में रेडियो, कैसेट और टीवी की भूमिका थी. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं उस फिल्म का नाम था ‘जय संतोषी मां’.

जय संतोषी मां साल 1975 में आई थी. यह आध्यात्मिक विषयों पर बनी भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जाती है. कम बजट में बनी इस फिल्म ने उस दौर में ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले को टक्कर दी थी. इसके भजन ‘मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की’ और अन्य भक्ति गीतों ने इसे जन-जन तक पहुंचाया था. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी और इसने भक्ति फिल्मों की दिशा बदल दी थी. ये भजन आज तक सुना जाता है और गरबा और दुर्गा मां के उत्सव में खूब बजाया जाता है.

हनुमान अंश के दो गानों ने बांध दिया समा

वहीं बात करें हनुमान अंश की तो इसका वायरल गाना ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गीत बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दृष्टिबाधित लोक कलाकार द्वारा गाया गया है. फिल्म की रिलीज के बाद यह इंटरनेट पर सुनामी की तरह वायरल हुआ. सुनील लोधी के तंबूरे के साथ गाए इस भजन को लोगों ने इतना पसंद किया कि फिल्म की सफलता के बाद यह गाना देश भर में हर किसी की जुबान पर चढ़ गया.

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पार्वती (जब जिद पे आ गई पार्वती…) – गायक साधु तिवारी ने इस गीत में बुंदेली टच लाकर माता पार्वती के उस अडिग संकल्प और कठोर तप के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने भगवान शिव को ही अपना पति पाने की जिद ठान ली थी. फिल्म रिलीज के बाद इस गाने ने न सिर्फ इंस्टाग्राम पर लोकप्रियता हासिल की बल्कि, युवा पीढ़ी को अपना दीवाना बना लिया है.

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