

अदानी ग्रुप की ओर से शुरू किए गए वंदे भारतम् अभियान का ग्रैंड फिनाले हुआ. जिसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों, ग्रामीण इलाकों और जिलों से जमीनी स्तर के इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को खोजकर उन्हें एक बड़ा राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है. ऐसे में वंदे भारतम् अभियान के ब्रांड एंबेसडर और होस्ट राजीव खंडेलवाल ने इससे जुड़ी जानकारी देते हुए कहा कि इस मंच पर देशभर से आए लोगों के आइडिया बहुत अलग-अलग क्षेत्रों के थे. ग्रामीण इलाकों से लेकर रॉकेट साइंस, स्पेस, तकनीक और साधारण ऑर्गेनिक चीजों तक सब कुछ शामिल था.
क्या बोले राजीव खंडेलवाल
राजीव खंडेलवाल ने बताया, “यहां हर तरह की तकनीक और आइडिया आए. कोई दिव्यांग व्यक्ति के लिए सोच रहा था, कोई गांव में खेती और खाद के इस्तेमाल की समस्या पर काम कर रहा था. सिर्फ आईटी की बात नहीं हुई. रॉकेट साइंस की चर्चा भी हुई और किसानों की मुश्किलों पर भी बात हुई. यह मंच हर क्षेत्र को कवर करता था.” उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर सबसे जरूरी चीज आइडिया था. लड़का हो या लड़की, दिव्यांग हो या कोई और, सबको बराबर मौका मिला. जहां से भी कोई आया हो, कैसी भी स्थिति में हो, अगर उसके पास अच्छा आइडिया था तो उसे पूरा सम्मान मिला.
Ahmedabad, Gujarat: On the Vande Bharatam initiative organised by the Adani Group, brand ambassador and host Rajeev Khandelwal says, “There were all kinds of technologies and ideas, whether from rural areas, technology, rocket science, space, the use of simple organic things, or… pic.twitter.com/zdvUtPZrof
— IANS (@ians_india) August 14, 2026
कब शुरू हुई पहल
वंदे भारतम् अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी ने जून 2026 में अपने जन्मदिन पर शुरू किया था. इसका मकसद पूरे देश के 36 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों और 800 से ज्यादा जिलों से इनोवेटर्स, उद्यमियों और समस्या-समाधान करने वालों को ढूंढना है. शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और गांवों से भी लोग इसमें हिस्सा ले सकते हैं.
अभियान में आवेदन आसान तरीके से लिए गए. लोग जारी वेबसाइट पर आइडिया भेज सकते थे. चुने गए प्रतिभागियों को बूटकैंप में ट्रेनिंग दी गई और फिर आगे बढ़ने वालों का चयन किया गया. फाइनल राउंड अहमदाबाद में हुआ, जहां मेंटर और उद्योग के लोग आइडिया सुनने आए. राजीव खंडेलवाल ने कहा कि यहां सिर्फ बड़े शहरों के स्टार्टअप की बात नहीं हुई. गांव की साधारण जरूरतें भी उतनी ही महत्वपूर्ण रहीं. आइडिया की विविधता ने दिखाया कि भारत में हर कोने में नई सोच मौजूद है. इसमें चुने गए लोगों को मेंटरशिप और सपोर्ट मिल रहा है ताकि उनके आइडिया को आगे बढ़ाया जा सके.





