

सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 ने सिनेमाघरों दस्तक दे डाली है. इस फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, अली फजल और शबाना आजमी जैसे कलाकार हैं. इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है. बंटवारा 1947 का ट्रेलर आने के बाद से इसका बज बना हुआ है. बंटवारा 1947 की रिलीज के मौके पर सनी देओल ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म के अलावा पापा धर्मेंद्र और अन्य चीजों को लेकर बात की.
धर्मेंद्र सुनाते थे बंटवारे की कहानियां
इस दौरान सनी देओल से पूछा गया कि उनके पापा धर्मेंद्र ने उन्हें कभी बंटवारे के बारे में कुछ बताया था ? इस पर सनी देओल ने कहा, जाहिर है, पापा और हमारे परिवार के सभी बड़ों के साथ, हम बस बैठकर सुनते थे कि वे क्या कहना चाहते हैं, और वहीं से हम बचपन की बातें सीखते हैं, और वे हमारे अंदर रहती हैं. निश्चित रूप से मेरे दादा, दादी, और उनके पिता, और हम सभी ऐसे लोग रहे हैं जिन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि कौन-कौन है और क्या क्या है. हम हमेशा प्यार करने और ऐसी जिंदगी जीने, शेयर करने, जहां भी जरूरत हो मदद करने और एक परिवार के रूप में खुश रहने में विश्वास करते थे.
दादी ने बचाई लड़की की जान
सनी देओल ने आगे कहा, मेरा मतलब है कि मैंने पापा और उन सभी से कहानियां सुनी थीं. कैसे मेरी दादी ने उस वक्त में एक लड़की की जान बचाई की थी. उसे रात गुजारने को कहा, उन्होंने उसका ध्यान रखा, आस-पास बहुत टेंशन थी और, आप जानते हैं, बहुत चिंताएं थीं क्योंकि उस समय हालात ऐसे थे कि कुछ अच्छे लोग थे और कुछ बुरे लोग थे. फिर आखिरकार जब सुबह हुई और मेरे दादाजी ने लड़की को कैसे छोड़ दिया और सब कुछ,मतलब, ऐसी बहुत सी घटनाएं हैं, और ये सब यही दिखाता है कि चाहे कुछ भी हो, वह बस इंसानियत ही थी. इसके अलावा सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने और भी बातें की.
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