मध्य प्रदेश

शिमला जिला परिषद चुनाव पर जयराम ठाकुर की दो टूक, ‘2 दिन में बैठक नहीं तो…’


हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है. विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार और जिला प्रशासन पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने का आरोप लगाते हुए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर दो दिन के भीतर शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक नहीं बुलाई गई तो भाजपा अदालत का दरवाजा खटखटाएगी.

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पंचायत और जिला परिषद चुनावों में हार के डर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करती रही. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चुनाव करवाए गए, लेकिन अब परिणाम आने के बाद भी कई जगह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं.

हिमाचल में कुदरत का कहर! 38 दिन में 150 मौतें, 190 सड़कें बंद, 834 करोड़ का नुकसान

‘जनता ने कांग्रेस को नकार दिया’

भाजपा नेता ने दावा किया कि चुनाव परिणामों में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार नगर निगमों में से तीन पर भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि 12 जिला परिषदों में से 10 में चुनाव हुए और 9 परिषदों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

शिमला जिला परिषद को लेकर भाजपा ने दी चेतावनी

भाजपा ने शिमला जिला परिषद चुनाव को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि 25 जिला परिषद सदस्यों में से 13 सदस्य भाजपा समर्थित हैं, लेकिन करीब 70 दिन बीत जाने के बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि शिमला के उपायुक्त ने दूसरी बैठक बुलाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई है. भाजपा नेताओं का कहना है कि वे लगातार जिला प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है.

इंदौरा मामले का भी उठाया मुद्दा

जयराम ठाकुर ने इंदौरा जिला परिषद का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 26 में से 25 समिति सदस्य भाजपा समर्थित हैं, लेकिन फिर भी चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को आधार बनाकर चुनाव रोक दिए गए. भाजपा का कहना है कि न्यायालय ने भी जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि संशोधन प्रभावी नहीं हुआ है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए.

दो दिन का अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी

विपक्ष के नेता ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन में शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक नहीं बुलाई गई तो भाजपा कोर्ट जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी चुनाव नहीं कराए गए तो भाजपा परिषद सदस्यों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करेगी. भाजपा के इस रुख के बाद हिमाचल की सियासत में जिला परिषद चुनाव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. अब नजर प्रशासन के अगले कदम पर है.

हिमाचल: ब्यास नदी का बढ़ा जलस्तर, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button