
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मौसम विभाग (IMD) के अलर्ट के बीच बीती रात से ही रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है. भारी बारिश के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा मंडरा रहा है. भारत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा मंडी जिले में 4 अगस्त से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया गया है.
लगातार हो रही बारिश के कारण मंडी में बहने वाली ब्यास नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है. उफनती नदी को देखते हुए मंडी जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और पर्यटकों से सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि वे ब्यास नदी के किनारों से उचित दूरी बनाए रखें और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, ताकि जानमाल का नुकसान न हो. नदी किनारे रहने वाले स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे रात से हो रही बारिश को देखते हुए पूरी तरह से सतर्क और अलर्ट मोड पर हैं.
मंडी: उरला में सड़क पर आया मलबा, दलदल में फंसी कार, मार्ग बहाल
उरला के पास नाले में फ्लड, मलबे में फंसी गाड़ी
भारी बारिश का असर सड़क यातायात पर भी देखने को मिल रहा है. मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग (Mandi-Pathankot Highway) पर उरला के पास नाले में अचानक फ्लड (Flash Flood) आ गया, जिसके कारण भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया. मलबे की चपेट में आने से सड़क से गुजर रही एक गाड़ी बीच रास्ते में ही फंस गई. मौके पर वाहन चालक असहाय नजर आया. (वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी किस तरह से मलबे के बीचों-बीच फंसी हुई है.)
भूस्खलन का खौफ, प्रशासन मुस्तैद
लगातार बारिश के कारण मंडी जिले के पहाड़ी और भूस्खलन संभावित इलाकों में लोग सहमे हुए हैं. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को मुस्तैद कर दिया गया है.
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Input By : परी शर्मा
