धर्म

भारत के ऐसे मंदिर, जहां प्रसाद नहीं बल्कि चढ़ाई जाती हैं अनोखी चीजें


Temples: भारत में हजारों मंदिर हैं और हर मंदिर की अपनी अलग परंपरा और मान्यता है. जहां ज्यादातर मंदिरों में मिठाई, फल, नारियल या फूल प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जहां सदियों से बेहद अनोखी चीजें अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है.

आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में.

करणी माता मंदिर, राजस्थान

राजस्थान के बीकानेर स्थित करणी माता मंदिर में हजारों चूहों को माता का स्वरूप माना जाता है. यहां श्रद्धालु चूहों के लिए दूध और अनाज चढ़ाते हैं. इसे शुभ परंपरा माना जाता है.

काल भैरव मंदिर, उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित काल भैरव मंदिर में भगवान काल भैरव को मदिरा (शराब) अर्पित करने की सदियों पुरानी परंपरा है. यह मंदिर अपनी अनोखी पूजा पद्धति के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है.

चीनी माता मंदिर, वाराणसी

वाराणसी के चीनी माता मंदिर में श्रद्धालु चीनी (Sugar) अर्पित करते हैं. मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान

यहां श्रद्धालु बालाजी महाराज को लड्डू और अर्जी चढ़ाते हैं. साथ ही कई लोग विशेष पूजा के दौरान अपनी मनोकामना लिखकर भी अर्पित करते हैं.

कामाख्या मंदिर, असम

कामाख्या शक्तिपीठ में देवी को लाल वस्त्र, चुनरी और सिंदूर अर्पित करने की विशेष परंपरा है. यह मंदिर तांत्रिक साधना और शक्ति उपासना के लिए प्रसिद्ध है.

एस्ट्रोलॉजर नीतिका शर्मा के अनुसार, भारत के अलग-अलग मंदिरों में अलग प्रकार की पूजा सामग्री चढ़ाने की परंपरा स्थानीय इतिहास, लोकमान्यताओं और मंदिर की परंपराओं से जुड़ी होती है. इसे सामान्य नियम नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी मंदिर में वही सामग्री अर्पित करनी चाहिए, जिसकी वहां परंपरा हो.

क्या हर मंदिर में अलग प्रसाद चढ़ाया जा सकता है?

नहीं. हर मंदिर के अपने नियम और परंपराएं होती हैं. किसी दूसरे मंदिर की परंपरा को कहीं और अपनाने की बजाय स्थानीय नियमों का सम्मान करना चाहिए.

FAQ

क्या सभी मंदिरों में एक जैसा प्रसाद चढ़ाया जाता है?
नहीं. अलग-अलग मंदिरों की अपनी अलग परंपराएं और नियम हैं.

किस मंदिर में शराब चढ़ाई जाती है?
उज्जैन के काल भैरव मंदिर में मदिरा अर्पित करने की परंपरा है.

किस मंदिर में चूहों को भोजन कराया जाता है?
राजस्थान के करणी माता मंदिर में.

क्या किसी भी मंदिर में मनचाही चीज चढ़ा सकते हैं?
नहीं. मंदिर की परंपरा और नियमों का पालन करना चाहिए.

मंदिरों में अलग-अलग परंपराएं क्यों हैं?
ये स्थानीय इतिहास, लोकमान्यताओं और धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं.

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