
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ संपन्न हो गया है. 10 बैठकों तक चले इस सत्र में सदन की कार्यवाही 45 घंटे 30 मिनट चली और उत्पादकता 91 प्रतिशत रही. सत्र के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ कई विधेयक भी पारित किए गए.
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्र के समापन पर बताया कि मानसून सत्र के दौरान कुल 514 तारांकित और 272 अतारांकित प्रश्न सदस्यों द्वारा पूछे गए. सदन में कुल 7 विधेयक पारित किए गए. उन्होंने बताया कि नियम-62 के तहत 14 विषयों, नियम-101 के तहत 5 प्रस्तावों तथा नियम-130 के तहत 2 विषयों पर चर्चा हुई. वहीं नियम-324 के तहत 11 विषय सदन में लाए गए और 44 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए. शून्यकाल के दौरान सदस्यों ने 34 विषय उठाए.
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विधायकों के वाहनों को मिलेगा विशेष फ्लैग
सत्र के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सभी विधायकों के वाहनों के लिए विशेष फ्लैग देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि नए निर्वाचित सदस्यों को अपनी पहचान बताने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था, इसलिए उनकी पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है.
जय राम ठाकुर का सरकार पर आरोप
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने कहा कि सदन में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की गई. मुख्यमंत्री कई मुद्दों पर झूठ बोलते नज़र आए. विपक्ष ने जनता से जुड़े मुद्दों को संजीदगी से सदन के अंदर उठाया. सत्र के पहले दो दिन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर गतिरोध रहा. क्योंकि मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मकसद से राष्ट्रगान के अपमान के आधारहीन आरोप लगाए. जो बाद में रिकॉर्डिंग के बाद साफ़ हो गया. विपक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं, बेरोजगारी के अलावा अन्य अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा की गई और सरकार की खामियों को प्रमुखता से उठाया गया.
कुल मिलाकर मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और सदन ने महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को भी अंजाम दिया. हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सत्र के अंतिम दिन दोपहर को दिल्ली चले गए.
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