
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जमकर कहर बरपा रहा है. इसी में सोलन जिला के प्रवेशद्वार परवाणू में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया. भारी बारिश के कारण परवाणू-पिंजौर खंड में पहाड़ी से मलबा, चट्टानें और पत्थर गिरने से NH-05 पर यातायात बाधित हो गया. वहीं क्षेत्र में एक पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है.
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार परवाणू-पिंजौर बाईपास पर भूस्खलन और मलबा आने से दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. प्रशासन ने वाहन चालकों को प्रभावित मार्ग से बचने और पुराने कालका-पिंजौर मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है. हल्के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं.
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अनावश्यक आवाजाही की मनाही
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. प्रभावित मार्ग को बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं.
अब तक 259 मौतें
हिमाचल में मानसून के कहर से अलग-अलग इलाकों में 259 मौतें हो चुकी हैं. जबकि 1276 करोड़ से अधिक नुकसान हो चुका है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक दो सितम्बर तक 259 मौतों के साथ ही 468 लोगों से अधिक घायल हो चुकी हैं. प्राकृतिक आपदा और सड़क दुर्घटनाओं को मिलाकर जनहानि लगातार बढ़ रही है.सबसे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं में ही हुई हैं इसमें अभी तक का आंकड़ा 153 से अधिक हो चुका है.
स्थानीय अधिकारी और राज्य मुख्यालय से अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं. इसके साथ ही लोगों से अपील की गयी है कि उफनाई नदियों और नालों से दूर रहें. इसके अलावा प्रशासन द्वारा बंद किये गए रास्तों का प्रयोग बिल्कुल न करें. कई रास्ते पहाड़ों से गिरने वाले मलबे की वजह से बंद हैं.
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