
हिमाचल प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SEOC) की 2 सितंबर 2026 सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 468 लोग घायल हुए हैं. आपदा और सड़क दुर्घटनाओं को मिलाकर राज्य में कुल जनहानि लगातार बढ़ रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक मानसून से अब तक प्रदेश को 1,276.85 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. इसमें लोक निर्माण विभाग को सबसे अधिक 914.77 करोड़ रुपये की क्षति हुई है, जबकि जल शक्ति विभाग को 258.61 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है. बारिश और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचार कार्य में जुटी हैं.
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प्रमुख आंकड़े
- कुल मौतें: 259
- घायल: 468
- लापता: 3
- पशु मृत्यु: 450
- पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान: 34
- आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान: 451
- दुकानों/कारखानों को नुकसान: 17
- गौशालाएं क्षतिग्रस्त: 397
- कृषि क्षेत्र को नुकसान: 72.04 करोड़ रुपये
- बागवानी क्षेत्र को नुकसान: 6.92 करोड़ रुपये
- सड़क दुर्घटनाओं में 153 मौतें
मानसून अवधि में सड़क हादसों में 153 लोगों की जान गई. सबसे अधिक मौतें शिमला और सिरमौर जिलों में 19-19 दर्ज की गईं.
आपदाओं से 106 मौतें
भूस्खलन, डूबने, बिजली गिरने, सांप काटने, पेड़/चट्टान गिरने और अन्य आपदाओं से 106 लोगों की मौत हुई. इनमें सबसे अधिक 34 मौतें पेड़ या चट्टान गिरने से हुईं. राजस्य सरकार ने लोगों से ऐसे जर्जर और कच्चे मकानों में न रहने की अपील की है. सभी जिलों में प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराएं. निचले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है.
राज्य में बारिश के चलते 150 सड़कें बंद है. 374 ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित है जबकि 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. सबसे अधिक 78 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं. शिमला में 84 और कुल्लू में 81 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं. लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.
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