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अब प्रोफेसर नहीं, AI पढ़ाएगा! ऑस्ट्रेलिया की मैक्वेरी यूनिवर्सिटी ने क्लासरूम में उतारा चैटबॉट | Macquarie University Adopts AI Chatbot For Core Psychology Courses To Revolutionise Higher Education



ऑस्ट्रेलिया की मैक्वेरी यूनिवर्सिटी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा प्रयोग शुरू किया है. यूनिवर्सिटी ने अपने दो प्रमुख विषयों में ट्रेडिशनल प्रोफेसर की जगह AI चैटबॉट, ऑनलाइन क्विज और ऑप्शनल (वैकल्पिक) ऑनलाइन ट्यूटोरियल को पढ़ाई का मुख्य जरिया बना दिया है. उच्च शिक्षण संस्थान अब टीचिंग की अहम जिम्मेदारियां इंसानों के बजाय AI तकनीक को सौंप रहे हैं.

एआई ही होंगे गुरुजी

मैक्वेरी यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी के दो जरूरी यूनिट्स (कोर्सेज) में ‘वर्चुअल पीयर’ नाम के इस AI चैटबॉट को वीकली पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है. इस बॉट को खास तौर पर इस तरह प्रोग्राम किया गया है कि यह क्लास में छात्रों से सवाल पूछता है और उन्हें अलग-अलग सिचुएशन पर आधारित प्रैक्टिकल एक्सरसाइज में गाइड करता है. यानी जिस काम के लिए पहले प्रोफेसर या ट्यूटर क्लास में मौजूद रहते थे, अब उसकी पूरी जिम्मेदारी इस AI बॉट के पास है.

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क्या एक चैटबॉट इंसानों की तरह पढ़ा सकता है?

यूनिवर्सिटी के इस फैसले से पढ़ाई के पारंपरिक तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ संस्थान इसे टेक्नोलॉजी के सही इस्तेमाल और आधुनिक पढ़ाई का तरीका मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्टूडेंट्स और जानकारों के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या एक चैटबॉट सच में किसी इंसानी प्रोफेसर की जगह ले सकता है.

ऑनलाइन क्विज और ट्यूटोरियल्स के साथ मिलकर काम कर रहा यह ‘वर्चुअल पीयर’ छात्रों को उनके डाउट क्लियर करने और विषय को समझने में मदद तो कर रहा है, लेकिन प्रोफेसरों को पूरी तरह हटाकर AI पर निर्भर होने का यह मॉडल आने वाले समय में एजुकेशन सिस्टम की नई दिशा तय करेगा.

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