
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ. सबसे अधिक असर कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में देखने को मिला, जहां लगातार बारिश के बाद शमशर नाला उफान पर आ गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए. नाले में भारी मात्रा में पानी और मलबा आने से लोगों में दहशत का माहौल है.
बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-305 (NH-305) पर भी हालात बिगड़ गए. कई स्थानों पर पहाड़ियों से पानी और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे सड़क पर झरने जैसा दृश्य देखने को मिला. वाहन चालक जोखिम लेकर झरने के नीचे से गाड़ियां निकालते नजर आए.सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने वाहनों की आवाजाही को धीमा कर दिया तथा कई जगहों पर अस्थायी रूप से रोकना पड़ा. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सड़क पर तेज बहाव के साथ पानी और मलबा बहता दिखाई दे रहा है.
राजधानी शिमला सहित मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भी दिनभर रुक-रुक कर भारी बारिश दर्ज की गई. बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है.
मौसम विभाग ने प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों को देखते हुए कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार इन जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. कई क्षेत्रों में तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं.
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है और कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं.