
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ दर्ज FIR और बीबीएमबी (BBMB) एरियर विवाद पर राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सुक्खू सरकार किसी भी तरह से बदले की भावना से काम नहीं कर रही है.
विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ ‘आय से अधिक संपत्ति’ मामले में विजिलेंस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने कहा कि विजिलेंस द्वारा जांच करना और एफआईआर दर्ज करना कोई नई बात नहीं है. कानून के दायरे में सभी नागरिक एक समान हैं. यदि किसी व्यक्ति ने कोई गलत कार्य नहीं किया है, तो उसे घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है. यदि सुधीर शर्मा पाक-साफ हैं, तो जांच में यह स्वतः ही स्पष्ट हो जाएगा. उन्होंने संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग करें.
BBMB एरियर: ‘अपना हक लेकर रहेगी हिमाचल सरकार’
बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) में हिमाचल प्रदेश के बकाये के बहुचर्चित मुद्दे पर भी नरेश चौहान ने खुलकर बात की. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर उन्होंने बताया कि हरियाणा ने एरियर (बकाये) की राशि का नकद भुगतान करने के बजाय इसे बिजली के रूप में देने का प्रस्ताव रखा है. इस मामले में पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां जताई गई हैं, जिन्हें आपसी बातचीत के माध्यम से दूर किया जाएगा.
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‘पिछली सरकारों ने मुद्दे को नहीं दिया महत्व’
नरेश चौहान ने बीजेपी और पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने हिमाचल के हकों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया. उन्होंने कहा, “जब से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पदभार संभाला है, प्रदेश के अधिकारों और हिस्सेदारी के लिए लगातार मजबूती से लड़ाई लड़ी जा रही है.”
उन्होंने अंत में बीजेपी को भी चुनौती देते हुए कहा कि उसे स्पष्ट करना चाहिए कि हिमाचल के अधिकारों की इस महत्वपूर्ण लड़ाई में उसका क्या रुख है.
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