
हिमाचल प्रदेश से भले ही मानसून रुखसत हो गया है, लेकिन प्रदेश के ज़ख्मों को बढ़ा गया है. हालांकि 2023 और 2025 के मुकाबले इस बार नुक्सान कम हुआ है. फ़िर फिर कम बरसात के बाबजूद तबाही के आंकड़े कम नहीं हैं. हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान सामान्य औसत से करीब 11% से 13% कम बारिश आंकी गई है.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 26 सितंबर 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 369 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 615 लोग घायल हुए हैं. मानसून के कारण राज्य को अब तक ₹3219.82 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है.
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आपदा में अब तक 149 की मौत
रिपोर्ट के अनुसार आपदा संबंधी घटनाओं में 149 लोगों की मौत हुई है, जबकि 220 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई. सबसे अधिक मौतें शिमला (56), चंबा (45), कांगड़ा (45) और मंडी (37) जिलों में दर्ज की गई हैं. मानसून के दौरान 579 पशुओं की मौत, 43 पक्के और 101 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त तथा 162 पक्के और 365 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. कृषि और बागवानी क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
62 सड़कें पूरी तरह बंद
उधर, 27 सितंबर सुबह 10 बजे तक प्रदेश में 62 सड़कें बंद हैं. इनमें सबसे अधिक लाहौल-स्पीति में 25, मंडी में 19, कांगड़ा और कुल्लू में 6-6 सड़कें प्रभावित हैं. राज्य में 277 विद्युत ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हैं, जिनमें किन्नौर में 77, शिमला में 68, मंडी में 61 और सिरमौर में 58 ट्रांसफार्मर शामिल हैं. हालांकि प्रदेश में फिलहाल कोई पेयजल योजना प्रभावित नहीं है.
तापमान में 11 डिग्री तक गिरावट
मानसून सीज़न के बाद बीते रोज़ प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है. हिमाचल प्रदेश में आंधी, वर्षा और धूप के बीच दिन के तापमान में 11 डिग्री तक की गिरावट आई है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर को सिरमौर जिला में कई स्थानों पर 40 किलोमीटर कर रफ्तार से आंधी चलने ओर भारी से बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
इसके अलावा मंडी, सोलन, शिमला में आंधी के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. प्रदेशभर में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा का अनुमान है। 28 सितंबर को भी राज्य के कई क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट लाहुल स्पीति के ताबो में 11 डिग्री दर्ज की गई, कल्पा में 9.9, धर्मशाला में 2 डिग्री की गिरावट आई है. वहीं ऊना में 2.2 डिग्री की वृद्धि के साथ प्रदेश में सबसे अधिक 34.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है.
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