
मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह विधेयक 20 जुलाई को विधानसभा में पेश किया जाएगा.
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि UCC पर 9 लाख 58 हजार सुझाव आए. इनमें 93.54% लोगों ने प्रदेश में इस कानून का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि 80% मुस्लिम बहनों और 40% मुस्लिम भाइयों ने भी एक समान कानून की मांग की है.
कांग्रेस बैठक में नहीं आई- CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि UCC की बैठक में सारी पार्टियां आईं, लेकिन कांग्रेस नहीं आई. उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से राय ली.
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विवाह, तलाक और उत्तराधिकार पर सख्त प्रावधान
UCC में विवाह सिर्फ एक ही मान्य होगा. दूसरा विवाह नहीं चलेगा. तलाक की प्रक्रिया भी कानूनी होगी. उत्तराधिकार का चयन कानून से होगा. महिला और पुरुष को समान अधिकार मिलेंगे. लिव-इन रिलेशन में एक महीने में पंजीकरण अनिवार्य होगा. 21 साल का लड़का और 18 वर्ष से अधिक उम्र की लड़की ही लिव इन में रह सकेगी.
आदिवासी समाज को छूट- CM मोहन यादव
CM मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी समाज को इस कानून में अपवाद रखा गया है. विवाह का रजिस्ट्रेशन ग्रामीण स्तर तक अनिवार्य होगा. शादीशुदा व्यक्ति लिव-इन में रहता है तो 5 साल की सजा हो सकती है. भेद भाव पूर्ण प्रथाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा. वहीं मोहन यादव ने विपक्ष से अपील की कि वे इस कानून को लागू करने में समर्थन दें. उन्होंने कहा कि विभाजन को विश्वास में बदलना इस कानून का मुख्य लक्ष्य है.
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