
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसे खबर सामने आई है, जिसने मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. यहां एक बुजुर्ग महिला से पहले उसका घर छीना और फिर सड़क पर छोड़ दिया. मां के मरने के बाद भी उसके 4 बेटों को कोई शर्म नहीं आई. चारों ने अंतिम संस्कार करने से ही मना कर दिया.
आखिरकार वृद्धाश्रम और समाजसेवी संस्था से जुड़े लोगों चंदा इकट्ठा कर महिला का अंतिम संस्कार कराया. इसकी जानकारी खुद संस्था ने दी है. ये मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग कलयुगी बेटों की हरकत पर उन्हें दुत्कार रहे हैं.
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संस्था ने कराया अंतिम संस्कार
इंदौर के इंदौर के सिलिकॉन सिटी क्षेत्र की गणेश रेसिडेंसी में रहने वाली लता बाई का इलाज के दौरान 13 सितंबर को मौत हो गई. इसकी सूचना उनके बेटों को दी गई. मौत के 4 दिनों तक संस्था ने बेटों का इंतजार किया लेकिन बेटों ने मुखाग्नि देने से ही मना कर दिया. इसके बाद संस्था के लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद महिला का अंतिम संस्कार रीजनल पार्क इंदौर में करवाया.
बेटों ने मां का घर हड़पा, सड़क पर छोड़ा
जानकारी के अनुसार, मृतक लता बाई ने गणेश रेसिडेंसी में जीवनभर की कमाई से हुई बचत से फ्लैट खरीदा था. बेटों ने जबरदस्ती यह फ्लैट अपने नाम करवा लिया और मां को उसके ही घर से बेघर कर दिया. महिला सड़क पर रहने के लिए मजबूर हो गई, लेकिन जब इसकी जानकारी समाजसेवी संगठन प्रीयु फाउंडेशन के अजय नागदा को मिली तो उन्होंने महिला की मदद की.
कलयुगी बेटों ने किया अंतिम संस्कार से मना
महिला का पहले मेडिकल चेकअप कराया और बाद में वृद्धाश्रम में रहने की व्यवस्था कराई. पिछले 8 महीने से लता वृद्धाश्रम में रह रही थीं और संस्था के लोग ही उनकी देखभाल कर रहे थे. कुछ समय पहले उनकी तबियत बिगड़ी तो उन्हें वृद्धाश्रम संचालक ने लता बाई को MY अस्पताल भर्ती करवाया, उपचार के दौरान उनका निधन हो गया. इसकी सूचना ॐ शांति आश्रम की ब्रह्मकुमारी ज्योति दीदी के जरिए बेटों को दी गई थी, लेकिन कलयुगी बेटों ने अंतिम संस्कार से ही मना कर दिया.