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Rajya Sabha Nomination: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का मामला, कांग्रेस ने दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई | congress knock Supreme Court, congress Rajya sabha candidate, Meenakshi Natarajan’, nomination cancellation issue, court may gave big verdict today



MP Rajya Sabha Seat: मध्य प्रदेश की एक मात्र राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग अफसर द्वारा खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती देते हुए दाखिल एक याचिका में कांग्रेस ने जल्द सुनवाई की मांग की है. गुरुवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी, लेकिन अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट कल करेगा.

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस की याचिका की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार शर्मा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने शुक्रवार को करने का भरोसा दिया है. कांग्रेस ने याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के विरुद्ध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से उसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है.

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद चुनाव आयोग से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी, लेकिन मामले में हल निकलता नहीं देखकर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और याचिका में रिटर्निंग अफसर द्वारा नामांकन खारिज करने को चुनौती दी है. कांग्रेस ने दाखिल याचिका में मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी. 

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग से मिला था

गौरतलब है कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग से मिला था, जिसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. नटराजन के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि आज नाम वापसी की आखिरी तारीख है, अगर इसे जल्द नहीं सुना गया तो 6 साल इंतजार करना पडे़गा, जिसका रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने विरोध किया.

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मामले पर विचार-विमर्श जारी, चुनाव आयोग ने अभी नहीं लिया है अंतिम निर्णय

रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को चुनाव आयोग पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने करीब 35 मिनट तक बातचीत की. इनमें केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मीनाक्षी नटराजन, भूपेश बघेल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. चुनाव आयोग ने मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन उसके पहले कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है. आयोग का कहना है कि मामले पर अभी विचार-विमर्श जारी है.

कांग्रेस का आरोप, ‘नामांकन रद्द करने का फैसला बिना आधार के किया गया’

कांग्रेस का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गलत तरीके से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया है और इसे वापस लिया जाना चाहिए. पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि नामांकन रद्द करने का फैसला बिना किसी ठोस आधार के किया गया है और किसी मामले का सही खुलासा नहीं किया गया. कांग्रेस मामले को अब सड़क पर भी उठाने की रणनीति बना रही है.

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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नियमों के अनुसार केवल उन मामलों का खुलासा जरूरी होता है, जिनमें आरोप तय हो चुके हों, लेकिन मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसा कोई मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के बाद चुनाव याचिका ही कानूनी रास्ता बचता है, जिसके जरिए इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है. 

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बीजेपी की शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया नामांकन

दरअसल, मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस से मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बीजेपी की शिकायत के बाद जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके चुनावी हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन खारिज करने का फैसला कानून और तथ्यों के विपरीत है.

आयोग रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पलट सकता है : अभिषेक मनु सिंघवी

पार्टी का कहना है कि जिस मामले का हवाला देकर आपत्ति उठाई गई, उसमें अभी किसी सक्षम अदालत ने संज्ञान ही नहीं लिया है, इसलिए उसे छिपाई गई जानकारी नहीं माना जा सकता. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले आयोग से ही समाधान की कोशिश की, ताकि कानूनी प्रक्रिया में समय न लगे, क्योंकि तब तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है.

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कांग्रेस नेता ने सुझाव दिया था कि आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 का इस्तेमाल करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पलट सकता है. कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक अनुच्छेद 324 का उपयोग आमतौर पर उन परिस्थितियों में किया जाता है, जहां चुनावी कानून में स्पष्ट प्रावधान न हो. हालांकि इस मामले में स्थिति अलग मानी जा रही है.

2017 के गुजरात राज्यसभा चुनाव में आयोग ने पलट दिया था रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय

उल्लेखनीय है कि साल 2017 के गुजरात राज्यसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने अनुच्छेद 324 अधिकार का इस्तेमाल कर रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय पलट दिया था, जिससे कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल की जीत सुनिश्चित हुई थी. मामले में अभी आयोग ने अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया है और अभी विचार-विमर्श जारी है, उससे पहले ही कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. 

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