

सोमवार को पूर्व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की बायोग्राफी का विमोचन हुआ है. इस मौके पर पूर्व उप राष्ट्रपति के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद रहे. एनडीटीवी ने इस खास मौके पर उप राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष से खास बातचीत की.
पूर्व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे सकारात्मक रहें, डाइनैमिक रहें. उन्हें अपने जीवन में अनुशासन रखना चाहिए. युवाओं के अपने सपने होनी चाहिए और साथ ही समाज को आगे ले जाने के लिए उन्हें प्रयास भी करना चाहिए.
पूर्व उप राष्ट्रपति ने आगे कहा कि युवाओं को देश के बारे में सोचना चाहिए, देश के हित में काम करना चाहिए. उनका अप्रोच कंस्ट्रक्टिव और पॉजिटिव होना चाहिए क्योंकि वे देश के भविष्य हैं. युवाओं को राजनीति में भी आना चाहिए. युवा अपनी इच्छा की राजनीतिक पार्टी को चुने और अच्छा काम करें, देश के हित में, समाज के हित में काम करें. उनका व्यवहार, उनकी शैली, उनकी बोली इसी हिसाब से होनी चाहिए.
विमोचन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुलकर पूर्व उप राष्ट्रपति की तारीफ की. उन्होंने कहा कि Nation First, Self Last- यह वेंकैया जी का सिद्धांत रहा है. वेंकैया जी का कमिटमेंट पार्टी की आईडियोलॉजी के प्रति प्रशंसनीय रही है. उन्होंने भारतीय राजनीति को ना सिर्फ दशकों तक करीब से देखा बल्कि उसको प्रभावित भी किया है
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि मैंने उन्हें कई बार कष्ट भी दिया है जिसका जिक्र यहां मैं नहीं करूंगा. लेकिन इसके बावजूद सार्वजनिक रूप से कह सकता हूं की वेंकैया जी का मन बहुत बड़ा है. हम दोनों को RSS से जुड़कर काम करने का मौका मिला, हम दोनों को RSS से प्रेरणा मिली है. आज भी गौरव के साथ यह कहने में मुझे संकोच नहीं है कि मूलत: मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सेवक हूं. 2000 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को कार्यान्वित करने में Venkaiah ji ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू पर ये किताब नयी पीढ़ी के लिए महत्त्वपूर्ण किताब है. इसको पढ़कर उन्हें आगे का संकल्प लेना चाहिए. आज युवा सरल रास्ता खोजते हैं, लेकिन नायडू जी ने वो रास्ता नहीं चुना. आज युवाओं को शॉर्ट कट की जगह लॉन्ग कट चुनना चाहिए. राजनीति में शॉर्ट कट नहीं बल्कि लॉन्ग कट महत्वपूर्ण है.





