

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के प्रति फिर हाथ बढ़ाया है. किम जोंग उन के लिए वो सबसे अहम पार्टनर दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों को भी कमतर करने की बात कर चुके हैं. उत्तर कोरिया के सबसे अच्छे संबंध रूस और चीन से हैं. चीन के साथ संबंध आर्थिक हैं तो रूस के साथ आर्थिक और सैन्य दोनों. चीन के साथ बढ़ती तनातनी के बीच ट्रंप का किम कार्ड माना जा रहा है कि चीन के खिलाफ ही है.
इस बार में जब चीन से सवाल हुए कि वो कैसे इस बात को देखता है तो चीन का जवाब दिलचस्प था. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “हमने इस बारे में आई रिपोर्टों पर ध्यान दिया है. कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति और स्थिरता बनाए रखना और कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दे का राजनीतिक समाधान निकालना सभी पक्षों के साझा हितों के लिए फायदेमंद है.”
दक्षिण कोरिया ने क्या कहा
वहीं दक्षिण कोरिया ने सोमवार को उम्मीद जताई कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत फिर से शुरू होगी, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम हो सके. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास कम करने के आदेश से चिंता पैदा हो गई थी कि इससे उत्तर कोरियाई खतरों के खिलाफ दोनों सहयोगियों की तैयारी पर असर पड़ सकता है.
ट्रंप ने इस फैसले के पीछे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला दिया. यह किम के साथ फिर से जुड़ने की एक कोशिश हो सकती है, क्योंकि किम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास को हमले की तैयारी के तौर पर देखते हैं. लेकिन जानकारों का कहना है कि उत्तर कोरियाई नेता, जो अब अपने बढ़ते परमाणु हथियारों और रूस के साथ बढ़ते सैन्य सहयोग से और मजबूत महसूस कर रहे हैं, शायद तब तक बातचीत के लिए तैयार नहीं होंगे जब तक उन्हें अमेरिका से ठोस रियायतों का भरोसा न मिल जाए.
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