
मध्य प्रदेश में ऐसी आशंका लगाए जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क काम कर रहा है. एसटीएफ की जांच अब भोपाल से निकलकर असम और पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है. शुरुआती जांच में एक ही पते और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है.
अन्ना नगर बौद्ध मठ के पते पर करीब 40 लोगों के 40 पासपोर्ट
जांच में भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते से करीब 40 लोगों के नाम पर पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है. ये पासपोर्ट 2021, 2022 और 2023 के दौरान जारी किए गए थे. इससे पहले डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित बौद्ध विहार के एक पते से भी करीब 20 पासपोर्ट जारी होने का मामला सामने आया था.
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक गिरोह पहले बांग्लादेश से भारत आए लोगों की पहचान और जरूरी जानकारी जुटाता था. इसके बाद उनके नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराए जाते थे. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भारतीय नागरिक के रूप में पासपोर्ट के लिए आवेदन कराया जाता था.
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फर्जी पासपोर्ट से विदेश तक पहुंचे, 70 से ज्यादा जांच के दायरे में
सबसे गंभीर बात यह है कि इन फर्जी भारतीय पासपोर्ट के आधार पर कुछ लोगों ने थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान तक की यात्रा की. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन यात्राओं का मकसद क्या था और विदेशों में इन लोगों के संपर्क किन लोगों से थे.
एसटीएफ की जांच में फिलहाल करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट सामने आया है. इनमें से कुछ पासपोर्ट की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए जाने की पुष्टि हो चुकी है और बाकी की जांच जारी है. एक ही गवाह और मिलते-जुलते पते का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है.
दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड से पूछताछ
मामले में एसटीएफ ने रियाल चौधरी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. जांच का दायरा अब असम, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों तक बढ़ाया गया है.
इस पूरे मामले ने पासपोर्ट के लिए होने वाले पुलिस वेरिफिकेशन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. एक ही पते से बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर सत्यापन कैसे हुआ, इसकी भी जांच एसटीएफ कर रही है. दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात भी सामने आई है.
अगर फर्जी भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेशी नागरिक कई देशों तक पहुंच गए, तो क्या इस नेटवर्क ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर संवेदनशील जानकारी या अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का इस्तेमाल किया? यही अब जांच का सबसे अहम विषय है.
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