
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने बुधवार 8 जुलाई को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. विभाग ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन जैसी समस्याएं
मौसम विभाग के अनुसार कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों में बुधवार (8 जुलाई) को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसके अलावा प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है. प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और जल स्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने तथा यात्रा के दौरान यातायात सलाह का पालन करने की सलाह दी है.
हिमाचल में मानसून की पहली बारिश बनी आफत, रामपुर में पुल टूटा, कई सड़कें पानी और मलबे में डूबीं
ऊंची पहाड़ियों में हुई भारी के चलते रामपुर और कुल्लू में नदी-नाले उफान पर
मानसून की सक्रियता के चलते श्रीखंड महादेव की ऊंची पहाड़ियों में हुई भारी बारिश के बाद रामपुर और कुल्लू क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आ गए. बारिश का असर सबसे अधिक रामपुर उपमंडल की समेज और गानवी खड्ड में देखने को मिला, जहां अचानक आई बाढ़ से खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचा है. प्रभावित क्षेत्रों में गानवी, क्याओ और कूट पंचायतें शामिल हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार खड्ड में जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण खेतों और कृषि भूमि को क्षति पहुंची है.
बाढ़ के चलते गानवी से क्याओ और कूट पंचायतों को जोड़ने वाला अस्थायी पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है. पुल को नुकसान पहुंचने से दोनों पंचायतों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं बाढ़ का असर कुल्लू जिले की ओर भी देखने को मिला. श्रीखंड क्षेत्र से आया तेज बहाव शीला नाला तक पहुंच गया, जिससे नाले में भी अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई. हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जानी नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
शिमला के राम मंदिर में पूजा के बाद CM सुक्खू का BJP पर हमला, बोले- ‘पैसे नहीं, आस्था की चोरी’