
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग ने लोगों, पर्यटकों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक बारिश मंडी जिले के गोहर में 31 मिमी दर्ज की गई. पंडोह में 19 मिमी, शिमला जिले के सराहन में 18.5 मिमी और सुंदरनगर में 12.2 मिमी बारिश हुई. कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा. अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया.
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18 जुलाई से भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 और 16 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 17 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जबकि 18 से 21 जुलाई तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक शोभित कटियार ने बताया कि मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, गोरखपुर, पटना और बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी बना हुआ है, जिससे वर्षा गतिविधियां तेज होंगी.
भूस्खलन और यातायात पर असर का खतरा
विभाग ने भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, नदियों में जल स्तर बढ़ने, जलभराव और पहाड़ी सड़कों पर यातायात बाधित होने की आशंका जताई है. पर्यटकों को घाटी वाले इलाकों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन को भी इमरजेंसी तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल मौसम सामान्य है, लेकिन 18 जुलाई के बाद स्थिति बदल सकती है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर रहें. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और मौसम अपडेट नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए. यह अलर्ट उन क्षेत्रों के लिए खासतौर पर महत्वपूर्ण है जहां पिछले वर्षों में भारी बारिश से नुकसान हुआ था.
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