
मध्य प्रदेश में अचानक बड़ी सियासी हलचल देखने को मिली है. एमपी की मोहन यादव सरकार में मंत्री लखन पटेल से एकबैक उनका विभाग छीन लिया गया है. लखन पटेल पशुपालन विभाग के मंत्री थे, लेकिन अब यह विभाग खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव देखेंगे. दूसरी ओर, लखन पटेल को आनंद विभाग सौंपा गया है.
लखन पटेल 54 पथरिया विधानसभा से विधायक हैं. साल 2023 में सरकार के गठन के साथ लखन पटेल को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी. देर रात मोहन सरकार में हुए इस फेरबदल के फैसले पर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं. सवाल है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि आधी रात में अचानक लखन पटेल से पशुपालन विभाग छीन लिया गया है.
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मोहन यादव के पास पहले से हैं कई विभाग
जानकारी के लिए बता दें कि पशुपालन की तुलना में आनंद विभाग का बजट बेहद कम होता है. वहीं, सीएम मोहन यादव के पास पहले से ही कई बड़े विभाग हैं, जिनकी जिम्मेदारियां वो संभाल रहे हैं. अब पशुपालन विभाग भी उनके नेतृत्व में रहेगा. सीएम के पास अभी सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, पशुपालन एवं डेयरी समेत अन्य ऐसे विभाग हैं, जिनके मंत्री नहीं हैं.
लखन पटेल और सीएम मोहन यादव की मुलाकात
सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिल रही है कि सुबह 10.00 बजे के करीब लखन पटेल ने सीएम आवास जाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की. इसके बाद उन्हें इस बदलाव की जानकारी दी गई.
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