

IPS Arvind Saxena IG Gwalior: मध्य प्रदेश कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरविंद सक्सेना को उनके रिटायरमेंट पर एमपी पुलिस के ‘बाहुबली’ कांस्टेबल सुनील यादव ने अनोखी विदाई दी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ग्वालियर स्थित आईजी कार्यालय में पुलिस अधिकारी की यह अनूठी विदाई पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है.
दरअसल, खाकी के अनुशासन और सख्त मिजाज के बीच कभी-कभी निष्ठा और आत्मीयता की ऐसी तस्वीर सामने आती है जो हर किसी को हैरान कर देती है. ऐसा ही एक अविस्मरणीय नजारा ग्वालियर स्थित आईजी कार्यालय में देखने को मिला, जहां पुलिस महानिरीक्षक अरविंद सक्सेना की सेवानिवृत्ति के मौके पर विदाई को ऐतिहासिक बना दिया गया.
31 जुलाई 2026 को आईजी आईपीएस अरविंद सक्सेना के पदमुक्त होने पर आयोजित समारोह में डीआईजी असित यादव और एसपी IPS धर्मवीर सिंह सहित महकमे के आला अधिकारी मौजूद थे. परंपरा के मुताबिक साहब की गाड़ी को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को चकित कर दिया.
आईजी की गाड़ी को परिसर के मुख्य द्वार तक पहुंचाया
कार्यालय में पदस्थ आरक्षक सुनील यादव ने अपने अधिकारी के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए एक अद्भुत रास्ता चुना. उन्होंने सज-धजकर तैयार गाड़ी के अगले हिस्से में एक मजबूत रस्सी बांधी और उसे अपने दांतों में दबाकर खींचना शुरू कर दिया. आरक्षक सुनील यादव ने अपनी शारीरिक ताकत और निष्ठा के बल पर आईजी की गाड़ी को परिसर के मुख्य द्वार तक पहुंचाया.
ग्वालियर IG अरविंद सक्सेना की गाड़ी को दांतों से खींचकर आरक्षक ने दी अनोखी विदाई…! pic.twitter.com/PXQA7nBf8N
— Rupesh Mishra (@rupeshmishramp) August 1, 2026
इस अनोखे और जांबाज अंदाज को देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी गदगद हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे परिसर को गूंजा दिया. आईजी अरविंद सक्सेना की इस अनूठी विदाई का दृश्य अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है.
कौन हैं आरक्षक सुनील यादव, जिन्हें पुलिस महकमा कहता है ‘बाहुबली’?
ग्वालियर रेंज में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव की पहचान सिर्फ खाकी वर्दी तक सीमित नहीं है. अपने साथी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच वे ‘एमपी पुलिस के बाहुबली’ के नाम से मशहूर हैं. यह नाम उन्हें उनकी अद्भुत शारीरिक ताकत, हैरतअंगेज कारनामों और फिटनेस के प्रति अटूट समर्पण की वजह से मिला है.
ताकत के हैरतअंगेज कारनामे: सुनील यादव वर्षों से ‘स्ट्रेंथ परफॉर्मेंस’ करते आ रहे हैं. वे इससे पहले अपने दांतों के सहारे ट्रैक्टर, भारी भरकम ट्रक और एक साथ 7 कारों को खींचने का हैरतअंगेज प्रदर्शन कर हर किसी को दंग कर चुके हैं.
सफलता का मंत्र: सुनील के मुताबिक, ऐसे किसी भी प्रदर्शन के पीछे कोई चमत्कार नहीं, बल्कि अनुशासित जीवनशैली, निरंतर अभ्यास और गहरी मानसिक एकाग्रता की मेहनत होती है.
पंजाब के एक स्टंटमैन से सीखें करतब
यही वजह है कि जब आईजी अरविंद सक्सेना की विदाई का वक्त आया, तो ‘बाहुबली’ आरक्षक ने अपनी इसी अनोखी कला से अपने वरिष्ठ अधिकारी के सम्मान को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना दिया. आरक्षक सुनील यादव ग्वालियर में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ हैं. पूर्व में गणतंत्र दिवस परेड में अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन तैयारी करते एसएएफ मैदान में नजर आए तब भी इनका वीडियो खूब वायरल हुआ था. सुनील ने यूट्यूब पर पंजाब के एक स्टंटमैन (स्टील मैन) को देखकर यह सब सीखा.
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