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IPS अभिजीत पाटील: Gen Z आईपीएस ने स्मार्ट सॉफ्टवेयर से दबोचे गैंगस्टर, रोकी नशे की तस्करी | gen z ips Abhijeet Patil natgrid crime control rajasthan churu rajgarh



Gen Z IPS Abhijeet Patil:  दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया आंदोलनों के बाद Gen Z (जनरेशन जेड) एक बार फिर चर्चा में है. इस बीच, राजस्थान कैडर के Gen Z आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटील अपनी आधुनिक कार्यशैली के कारण सुर्खियों में हैं. अभिजीत पाटील राजस्थान पुलिस में सबसे कम उम्र के IPS अफसरों में से एक हैं. वर्तमान में वे चूरू जिले में ‘एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स’ (AGTF) के चीफ और राजगढ़ में एएसपी (ASP) के पद पर तैनात हैं.

कौन हैं IPS अभिजीत पाटील?

अभिजीत पाटील का जन्म 11 जून 1999 को महाराष्ट्र के ठाणे शहर में तुलसीराम पाटील और आशा देवी के घर हुआ. उनकी माता सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं और पिता बृहन्मुंबई नगर निगम से वीआरएस ले चुके हैं. पाटील ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 470वीं रैंक हासिल की. महज 22 साल की उम्र में राजस्थान कैडर के IPS बने. SVPNPA हैदराबाद में प्रशिक्षण के बाद चूरू राजगढ़ में यह उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग है. 

NDTV से बातचीत में IPS अभिजीत पाटील बताते हैं, “मैं अगस्त 2025 से यहां तैनात हूं. लगभग एक साल होने को आया है. लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के लिए कुख्यात रहे राजगढ़ में बीते एक साल में गैंगवार की एक भी घटना नहीं होने दी गई. ना ही मर्डर का कोई नया केस सामने आया है. हमने ऐसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके गैंगस्‍टर्स  को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जिनका इस्तेमाल केवल नई पीढ़ी के पुलिस अधिकारी ही कर रहे हैं.” 

नेटग्रिड सॉफ्टवेयर का प्रभावी इस्तेमाल

राजस्थान पुलिस में NATGRID (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वालों में IPS अभिजीत पाटील सबसे आगे हैं. नेटग्रिड पर पूरी राजस्थान पुलिस में सबसे अधिक यूजर आईडी आईपीएस अभिजीत पाटील द्वारा ही बनाई गई हैं. उल्लेखनीय है कि NATGRID भारत सरकार का एक सुरक्षित और एकीकृत इंटेलिजेंस डेटाबेस प्लेटफॉर्म है, जो 21 अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों और संगठनों के डेटाबेस को आपस में जोड़ता है. इसे 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद आतंकवाद और गंभीर अपराधों से निपटने के लिए बनाया गया था, जो अधिकृत एजेंसियों को रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराता है.

बिना ठोस इनपुट के दबोचे नशे के सौदागर

राजगढ़ एएसपी अभिजीत पाटील ने बताया कि दिसंबर 2025 में AGTF चूरू को सूचना मिली कि कोटा-चित्तौड़गढ़ की तरफ से डोडा पोस्त से भरी एक गाड़ी चूरू होकर पंजाब जाएगी. पुलिस के पास गाड़ी का नंबर या सटीक समय जैसा कोई ठोस इनपुट नहीं था. पारंपरिक तरीके से नाकाबंदी में सफलता मिलना अनिश्चित रहता है, लेकिन अभिजीत पाटील ने NATGRID सॉफ्टवेयर का उपयोग कर हजारों संदिग्ध आंकड़ों में से केवल 15 वाहनों को शॉर्टलिस्ट किया.

उनकी टीम ने केवल उन 15 वाहनों की लाइव लोकेशन ट्रेस की और रतनगढ़ टोल नाके के पास सटीक नाकाबंदी करके डोडा पोस्त से भरी गाड़ी को जब्त कर लिया. इस सफल कार्रवाई को राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने ‘केस स्टडी’ के रूप में भी मंगवाया है. इसी तरह पॉक्सो क्ट के दो फरार आरोपियों को भी इसी सॉफ्टवेयर की मदद से ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया.

क्या होती है Gen Z?

जन्म के आधार पर हर पीढ़ी को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है. 

  • Baby Boomers: 1946 – 1964
  • Generation X: 1965 – 1980
  • Millennials (Generation Y): 1981 – 1996
  • Generation Z (Gen Z): 1997 – 2012
  • Generation Alpha: 2013 के बाद जन्मे बच्चे

IPS अभिजीत पाटील का जन्म 11 जून 1999 को हुआ है, इसलिए वे ‘Generation Z’ की श्रेणी में आते हैं और उन्हें राजस्थान पुलिस में “Gen Z IPS” के नाम से जाना जाता है.

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