

बेंगलुरु:
कर्नाटक में नकली दवा के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की एनफोर्समेंट विंग ने एक बड़ी छापेमारी में रामनगर जिले के बिदादी से चल रहे नकली दवा के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है.
कैसे हो रहा था पूरा खेल?
अधिकारियों ने बिना लाइसेंस वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकली और घटिया दवाएं जब्त कीं. यह जगह बिना किसी वैध लाइसेंस के चल रही थी और इसका इस्तेमाल नकली दवाओं की रीपैकेजिंग और नामी मल्टीनेशनल फार्मास्युटिकल कंपनियों के लेबल लगाने के लिए किया जा रहा था.
अधिकारियों के मुताबिक, इस रैकेट में देश के अलग-अलग हिस्सों में गैर-कानूनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से दवाएं मंगवाना, उनकी रीपैकेजिंग करना और उन्हें बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों के नाम से बेचना शामिल था.
Massive operation by K’taka food safety & drug dept. Illegal medicine manufacturing unit raided, Counterfeit drugs were being manufactured, labels of top pharma companies were used. Goods worth over 5 crore seized. pic.twitter.com/sGiKlHjX7t
— Deepak Bopanna (@dpkBopanna) August 18, 2026
बड़े ड्रग माफिया का है कामः स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने NDTV से बात करते हुए इस ऑपरेशन को एक बड़े ड्रग माफिया का काम बताया और कहा कि नकली दवाएं अस्पतालों को मार्केट रेट से लगभग 50 प्रतिशत कम कीमत पर बेची जा रही थीं.
खादर ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब्त की गई कुछ दवाएं इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में इस्तेमाल के लिए थीं. उन्होंने आशंका जताई है कि यह रैकेट कर्नाटक से बाहर भी फैला हो सकता है.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
छापेमारी में पुलिस ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया है. रामनगर के एसपी खुद इसकी जांच में जुट गए हैं. अधिकारी अब पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रहे हैं, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने बिदादी यूनिट को दवाएं सप्लाई कीं और जिन्होंने उन्हें खरीदा हो सकता है.





