
IAS मेधा रूपम DM नोएडा के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बेहद सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने अदालती आदेशों की लगातार अनदेखी करने पर कड़ा संज्ञान लिया है. न्यायालय ने 2014 बैच की आईएएस अधिकारी और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) की जिलाधिकारी मेधा रूपम को कल सुबह ठीक 10:00 बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है. जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की सिंगल बेंच ने यह आदेश याचिकाकर्ता महेंद्र दत्त शर्मा की रिट C याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है.
आईएएस मेधा रूपम का जमानती वारंट मामला क्या है?
दरअसल, यह पूरा मामला याचिकाकर्ता महेंद्र दत्त शर्मा बनाम यूपी व चार अन्य द्वारा दाखिल रिट C याचिका से जुड़ा हुआ है. इस मामले में सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी और राज्य सरकार की तरफ से स्थायी अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले की पिछली दो सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो बार विशिष्ट आदेश जारी किए थे जिसमें पहला आदेश 8 दिसंबर 2025 को और दूसरा आदेश 5 जनवरी 2026 को जारी किया गया था.
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इन दोनों आदेशों के माध्यम से कोर्ट ने जिलाधिकारी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था लेकिन निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी डीएम की तरफ से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया. बुधवार को गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के एक महीने बाद कोर्ट खुलने पर याचिका पर सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दो बार आदेश के बावजूद डीएम द्वारा अभी तक जवाब न दाखिल करने पर इस लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया.
कोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर कोर्ट ने डीएम नोएडा को मंगलवार को सुबह दस बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह बताने का निर्देश दिया है कि इस कोर्ट के आदेशों की अवमानना के लिए उन्हें सज़ा क्यों न दी जाए. कोर्ट ने संबंधित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के ज़रिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नाम ज़मानती वारंट जारी किए जाने का आदेश भी दिया है. कोर्ट इस मामले में कल होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई है.

कौन हैं आईएएस मेधा रूपम?
नोएडा (गौतमबुद्धनगर) की वर्तमान जिलाधिकारी मेधा रूपम उत्तर प्रदेश कैडर की 2014 बैच की एक तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं. मूल रूप से केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली मेधा रूपम का जन्म 21 अक्टूबर 1990 को हुआ था. उन्होंने बी.ए. इकोनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) की पढ़ाई करने के बाद बेहद कम उम्र में ही देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा (IAS) में सफलता हासिल कर ली थी.
बरेली से शुरू हुआ था सफर, मेरठ और हापुड़ में भी रहीं तैनात
- 3 सितंबर 2014 को आईएएस सेवा में नियुक्त होने के बाद मेधा रूपम ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है:
- मसूरी में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें जून 2015 में पहली पोस्टिंग बरेली में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के रूप में मिली थी.
- इसके बाद उन्होंने मेरठ और उन्नाव जिलों में जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं दीं.
- प्रशासनिक अनुभव बढ़ने के साथ ही वे लखनऊ में महिला कल्याण विभाग की विशेष सचिव और बाराबंकी जिले की मुख्य विकास अधिकारी (CDO) भी रहीं.
- फरवरी 2021 से अप्रैल 2022 तक वे मेरठ में एडिडिशनल कमिश्नर के पद पर तैनात थीं.
हापुड़ और कासगंज के बाद मिली नोएडा (गौतमबुद्धनगर) की कमान
मेधा रूपम को जिलाधिकारी (DM) के रूप में पहली बड़ी जिम्मेदारी हापुड़ जिले में मिली, जहाँ वे अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक डीएम रहीं. इसके बाद वे गौतमबुद्धनगर में ही ग्रेटर नोएडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के पद पर भी कार्यरत रहीं. जून 2024 में उन्हें कासगंज का डीएम बनाया गया, जहाँ उन्होंने करीब एक साल तक अपनी सेवाएं दीं. कासगंज के बाद उनके शानदार प्रशासनिक रिकॉर्ड को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 जुलाई 2025 को उन्हें राज्य के सबसे हाई-प्रोफाइल जिलों में शुमार गौतमबुद्धनगर (नोएडा) का जिलाधिकारी नियुक्त किया, और तब से वे इसी पद पर तैनात हैं.
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