
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पांगी घाटी में सोमवार (20 जुलाई) दोपहर बाद बादल फटने से हालात बिगड़ गए. उदीन नाला और हिल्लु नाले में अचानक आई तेज बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचा दी. बाढ़ का पानी और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे उदीन और हिल्लु गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया. कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और लोगों की आवाजाही रुक गई है.
बताया जा रहा है कि उदीन गांव में VB-G RAM G परियोजना के तहत काम कर रहे करीब 20 मजदूर अचानक आई बाढ़ के कारण फंस गए थे. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रजामंडल के लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव अभियान शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से एक बड़ा हादसा टल गया.
किन्नौर में बाढ़ का कहर: रानीकंडा पुल बह गया, छितकुल-दुमटी क्षेत्र का सड़क संपर्क पूरी तरह टूटा
पुलिया और सड़क को भारी नुकसान
हिल्लु नाले में आई तेज बाढ़ से अस्थायी पुलिया भी बह गई और संपर्क मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है. कई जगहों पर मलबा जमा होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई है. इससे दोनों गांवों के बीच आने-जाने का रास्ता फिलहाल ठप हो गया है. स्थानीय लोगों को जरूरी कामों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
घटना की जानकारी मिलते ही पांगी प्रशासन सक्रिय हो गया. नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम भी सड़क से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत में जुटी हुई है. प्रशासन का कहना है कि रास्ता जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है.
Himachal: कांगड़ा में भारी बारिश की चेतावनी, रेड अलर्ट के चलते दो दिन बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें. किसी भी तरह की आपात स्थिति या खतरे की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें.
मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और बिना जरूरत जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाने की भी सलाह दी गई है. फिलहाल राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.