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BharatPe के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने क्यों कहा- ‘UPI पर MDR… खत्म हो जाएगा मोबाइल पेमेंट’ | UPI MDR Controversy Ashneer Grover Said MDR on UPI kill mobile payment


UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि ग्राहकों से UPI पेमेंट पर किसी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा. जबकि शुल्क लागू होने पर व्यापारियों को मामूली ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) लागू होगा. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, MDR केवल एक निश्चित सीमा से ऊपर, एक सीमित संख्या में व्यापारी लेनदेन पर मामूली दर से लागू होंगे, जो Debit या Credit Card के MDR की तुलना में बहुत कम होगा.’ सरकार के इस प्रस्ताव का कांग्रेस विरोध कर रही है. वहीं कुछ व्यापारी संगठन भी इसके खिलाफ है.

व्यापारी संगठन का कहना है कि अगर यह केवल बड़े व्यापारियों पर लगाया जाता है तो ठीक है, लेकिन छोटे दुकानदारों और ग्राहकों को इससे सुरक्षित रखना चाहिए. इस बीच BharatPe के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने कहा है कि सरकार को UPI पर MDR के प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए. यह UPI को नुकसान पहुंचा सकता है.

अशनीर ग्रोवर ने एक्स पोस्ट में कहा कि UPI लेन देन पर MDR लागू करना एक पिछड़ा कदम होगा. उन्होंने लिखा, UPI पर किसी भी तरह का MDR भारत की एक मात्र चीज को खत्म कर देगा, जो घड़ी की तरह सुचारू तरीके से चल रही है. यानी मोबाइल पेमेंट खत्म हो जाएगा. यह पिछड़ा कदम है, सरकार को फिर से इस पर विचार करने की जरूरत है.
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सरकार ने क्या दिया जवाब

लोकसभा द्वारा Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन के लिए एक विधेयक पारित करने के दो दिन बाद सरकार ने कहा है कि संसद द्वारा कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित करने के बाद NPCI की अध्यक्षता वाली UPI और सेवा संचालन समिति’ MDR पर निर्णय लेगी. इसमें कहा गया कि PMS कानून में हाल में हुए संशोधन ने एक बहस को जन्म दिया है, जिसमें कुछ लोग इसे आम उपयोगकर्ताओं पर शुल्क लगाने के कदम के रूप में गलत अर्थ दे रहे हैं. 

इसमें कहा गया कि वास्तव में यह संशोधन UPI के लंबे समय स्थिरता, तकनीकी उन्नति और उभरते जोखिमों के खिलाफ लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. बयान में कहा गया कि लेनदेन की अत्यधिक मात्रा के साथ प्रणाली को साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण व निरंतर सुधार की आवश्यकता है. बयान में आगे कहा गया कि बाजार के विस्तार और स्थिरता के लिए ऐसा करना जरूरी था.

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