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JPSC आंदोलन में छात्रों का सरकार पर आरोप, बोले- ‘डबल गेम’ बंद करें; 10 अगस्त को दिखेगी ताकत | JPSC protest Students accuse government during demanding end double game show strength expected August 10 



झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. निर्मल महतो के शहादत दिवस पर हुए विशाल मार्च के बाद अब आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उस पर “डबल गेम” खेलने का आरोप लगाया.

सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

रिफॉर्म मंच के सदस्य रविंद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन छात्र कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर सड़क पर भी छात्र ही संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में सरकार द्वारा अलग-अलग छात्र संगठनों से मांग पत्र मांगना कई सवाल खड़े करता है.

उन्होंने पूछा कि जब आंदोलन की अगुवाई JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच कर रहा है तो फिर NSUI और झारखंड मुक्ति मोर्चा छात्र संघ से अलग-अलग मांग पत्र लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है. उनके अनुसार सरकार को सीधे आंदोलनरत छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी बात सुननी चाहिए.

‘छात्रों को मिसगाइड न करे सरकार’

रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार को छात्रों को भ्रमित करने या आंदोलन की दिशा बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हजारों युवा कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए.

उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समस्या का समाधान चाहती है तो उसे आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ सीधी वार्ता करनी चाहिए. इससे छात्रों की मांगों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा और समाधान का रास्ता भी निकलेगा.

निर्मल महतो के शहादत दिवस पर दिखी एकजुटता

इससे पहले शुक्रवार को अमर शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर राजधानी रांची में छात्रों ने विशाल फ्लैग मार्च निकाला था. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा. मार्च में शामिल हजारों छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर ‘रद्द, जांच और रिफॉर्म’ के नारे लगाए. आंदोलनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

तीन मांगों पर कायम हैं छात्र

आंदोलनकारी छात्र लगातार तीन प्रमुख मांगों को उठा रहे हैं. उनकी पहली मांग JPSC-JSSC से जुड़ी विवादित परीक्षा को रद्द करने की है. दूसरी मांग कथित धांधली की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की है. तीसरी मांग प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की है. छात्रों का कहना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था के बिना युवाओं के भविष्य को सुरक्षित नहीं किया जा सकता.

10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रविंद्र पासवान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो 10 अगस्त को छात्रों की ताकत पूरे राज्य को दिखाई देगी. आंदोलनकारियों ने दावा किया कि झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा रांची पहुंचेंगे और विधानसभा घेराव करेंगे. छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक भर्ती परीक्षा की नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाली की लड़ाई है. अब सबकी नजर 10 अगस्त के प्रस्तावित प्रदर्शन और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हुई है.

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